इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Indore News जीतू ठाकुर हत्याकांड के आरोपित गैंगस्टर युवराज कासिद को पुलिस ने बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि युवराज महाराष्ट्र में फरारी काट रहा था। वह मुंबई से सुबह वाली फ्लाइट से जैसे ही इंदौर पहुंचा, टीम ने पकड़ लिया। वहीं गैंगस्टर के समर्थकों का दावा है कि वह अफसरों से चर्चा के बाद पेश हुआ है।

एएसपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया के मुताबिक, परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के गैंगस्टर युवराज कासिद पिता विष्णु उस्ताद निवासी बंशी प्रेस की चाल की दो महीने से तलाश थी। माफिया विरोधी अभियान की शुरुआत के बाद से ही वह घर से फरार हो गया था। पुलिस ने फरारी के दौरान रासुका की कार्रवाई की और गिरफ्तारी वारंट जारी करवा दिया। सूचना मिली थी कि युवराज अहमद नगर और जालना में फरारी काट रहा है।

टीम वहां पहुंची लेकिन चकमा देकर फरार हो गया। बुधवार सुबह उसे देवी अहिल्या एयरपोर्ट के बाहर से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह एक दुकान पर चाय पी रहा था। एएसपी के मुताबिक, वह स्वजन से मिलने मुंबई से इंदौर आया था। दोपहर को वापस भागने की फिराक में था। उसके पास फ्लाइट (इंडिगो) का टिकट भी मिला है। उसने टिकट भी वाय कासिद के नाम से बनवाया था।

उधर युवराज से जुड़े लोगों का दावा है कि पुलिस दबाव के कारण उसे पेश करवाया है। मंगलवार दोपहर युवराज से जुड़े यशवंत कासिद, उमाशंकर तरेटिया और गजानंद गावड़े के बेटे ने एएसपी से मिलकर पेश करने की भूमिका तैयार कर ली थी। अफसरों के आश्वासन के बाद युवराज को मुंबई से बुलाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। परदेशीपुरा टीआई राहुल शर्मा के मुताबिक, आरोपित को रासुका के तहत जेल भेजा जाएगा।

फरार अपराधियों के मददगारों को बचा रही पुलिस

पुलिस पर आरोप है कि इनामी आरोपितों के मददगारों को बचा रही है। तत्कालीन डीआईजी संतोष कुमार सिंह ने फरारी में संरक्षण देने पर रसूखदारों को धारा 212 (भादवि) के तहत गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस ने अब मददगारों पर कार्रवाई बंद कर दी। भूमाफिया बॉबी छाबड़ा ने दोस्तों की मदद से फरारी काटना कबूला था। डीआईजी रुचि वर्धन मिश्र मदद के आरोप में तत्कालीन टीआई व एसआई को निलंबित कर चुकी हैं, लेकिन अपराधियों के मददगारों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई।

Posted By: Nai Dunia News Network