इंदौर Indore News । कोरोना संक्रमण के बीच अस्पतालों की लापरवाही भी लगातार सामने आ रही है। शहर के निजी अस्पताल ने खंडवा के मरीज की मौत के बाद स्वजन को शव सौंप दिया। स्वजन रोते-बिलखते शव लेकर खंडवा के लिए रवाना हुए। तीन घंटे बाद अस्पताल से फोन पहुंचा कि आप जो शव ले जा रहे हैं, वह महू के एक कोरोना संक्रमित मरीज का है। तीन घंटे कोरोना संक्रमित मरीज के साथ सफर कर चुके लोग तुरंत एंबुलेंस से उतर आए। अस्पताल की ओर से वापस आकर सही शव ले जाने की बात कही तो स्वजन ने संक्रमित शव के साथ आने से इनकार कर दिया।

दूसरी एंबुलेंस से भेजा खंडवा के व्यक्ति का शव

इसके बाद ग्रेटर कैलाश अस्पताल ने दूसरी एंबुलेंस से खंडवा के व्यक्ति का शव भेजा। बड़वाह के पास दोनों शव बदले गए। खंडवा निवासी स्वाति राठौड़ और नितिन राठौड़ ने बताया कि पिता गेंदालाल राठौड़ को 22 सितंबर को ग्रेटर कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें फेफड़ों में कैंसर था। अस्पताल में आइसीयू खाली नहीं होने पर उन्हें बच्चों के आइसीयू में भर्ती कर दिया गया। 25 सितंबर की शाम अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है और सांस लेने में भी दिक्कत है, इसलिए उन्हें कोविड संदिग्ध मानते हुए कोविड वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। उसी रात करीब एक बजे कोरोना संबंधित टेस्ट किया गया। सुबह 5:30 बजे रिपोर्ट निगेटिव आने का संदेश भी आ चुका था। सुबह अस्पताल से बताया गया कि पिता की मौत हो चुकी है। फिर सुबह लगभग 7 बजे हमें पैक करके शव दे दिया था।

सनावद के आगे पहुंचे, तब बताया यह शव पिता का नहीं

सनावद से आगे पहुंचने पर हमें बताया गया कि यह शव पिता का नहीं, किसी कोरोना संक्रमित मरीज का है। मामले की जानकारी तब लगी, जब महू निवासी कोरोना संक्रमित मरीज के स्वजन शव लेने पहुंचे। शव की कद-काठी देखकर स्वजन ने शंका जाहिर की। इस पर जांच की गई तो शव खंडवा निवासी व्यक्ति का निकला। इस गलती की वजह से दो परिवार छह घंटे से अधिक समय तक परेशान होते रहे।

कर्मचारियों से हुई गलती

एक शव मर्च्युरी में व दूसरा आइसीयू में रखा हुआ था। कर्मचारियों ने बिना पड़ताल किए शव सौंप दिया था। बाद में स्वजन को जानकारी दी गई और शव सुपुर्द कर दिया गया। पॉजिटिव मरीज का शव बैग में पैक कर दिया गया था इसलिए संक्रमण का खतरा नहीं है।- डॉ. राधिका बंडी, डायरेक्टर, ग्रेटर कैलाश अस्पताल

स्वजन करेंगे कानूनी कार्रवाई, पीपीई किट पहनकर किया अंतिम संस्कार

खंडवा के राजा हरिशचंद्र मुक्तिधाम पर मृतक के बेटे नितिन, भतीजे विवेक राठौर और दामाद संदीप राठौर ने शनिवार शाम पीपीई किट पहनकर एहतियात के साथ अंतिम संस्कार किया। अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही को लेकर स्वजन के साथ ही समाजजन में भी आक्रोश है। मृतक के भाई नरेंद्र राठौर ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई के लिए आवश्यक सलाह लेकर आगे कदम उठाया जाएगा।

Posted By: Sandeep Chourey

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