Indore News: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील करने के लिए अधिकतम दो महीने की समय सीमा निर्धारित है। भोपाल दुग्ध संघ आयकर विभाग द्वारा 2016 में दिए गए आदेश के खिलाफ 2020 में ट्रिब्यूनल में अपील दायर करने पहुंचा। आदेश के चार साल बाद दायर इस अपील को स्वीकार करते हुए ट्रिब्यूनल की इंदौर बेंच ने सुनवाई का आदेश जारी कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि देरी के कारण किसी को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता।

भोपाल दुग्ध संघ द्वारा दाखिल आयकर रिटर्न को त्रुटिपूर्ण मानते हुए आयकर विभाग ने दिसंबर 2016 में संघ पर 98 लाख रुपये की अतिरिक्त आय का निर्धारण आदेश निकाल दिया था। नियमानुसार फरवरी 2016 तक दुग्ध संघ को इस आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल में अपील करनी थी। लेकिन भोपाल दुग्ध संघ मार्च 2020 में अपील दायर करने ट्रिब्यूनल में पहुंचा। चार साल की देरी से दायर हुई अपील को स्वीकार या खारिज करने पर बहस हुई। सीए ब्रांच इंदौर के पूर्व अध्यक्ष सीए पंकज शाह के अनुसार आयकर अपीलेट ट्रिब्यूनल की इंदौर बेंच के न्यायिक सदस्य महावीर प्रसाद और अकाउंटेट सदस्य बीएम बियानी के सामने दुग्ध संघ द्वारा पक्ष रखा गया।

फाइल में दब गया आदेश - संघ ने ट्रिब्यूनल के सामने दलील दी कि उनके अकाउंटेंट बसंत जोशी के पास आयकर विभाग का आदेश पहुंचा था। 31 दिसंबर को ही जोशी दुग्ध संघ से रिटायर हो गए। आयकर विभाग का आदेश उनकी फाइल में ही रखा रह गया। फरवरी 2020 में सरकार की ओर से पत्र आने के बाद आयकर के आदेश की दुग्ध संघ के दफ्तर में तलाश शुरू हुई। आयकर विभाग के आदेश की प्रति मिलने के बाद मार्च में दुग्ध संघ अपील के लिए पहुंचा। यानी संघ को जैसे ही आर्डर मिला उसने अपील फाइल कर दी।

अपील को माना वैध - सीए पंकज शाह के अनुसार उक्त मामले पर इंदौर ट्रिब्यूनल की बीएम बियानी एवं महावीर प्रसाद की डिविजन बेंच ने विचार कर विलंब के कारणों को समझते हुए अपील को वैध माना। इस फैसले के पीछे बेंच ने सिद्धांत को स्वीकारा है कि तकनीकी कारणों या अपरिहार्य कारणों से हुए विलंब की वजह से अपील को बर्खास्त नही किया जाना चाहिए। यह स्वागत योग्य निर्णय है जिसमें न्याय को सर्वोपरि बताया गया है। अगर किसी भी मामले में अपील दाखिल करने में विलंब हो गया है और इसके पीछे पर्याप्त कारण है तो इस फैसले का संदर्भ देते हुए विलंब माफ करने का आवेदन दायर करने का मौका कई करदाताओं को मिलता दिख रहा है।

Posted By: Hemraj Yadav

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