इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शाम करीब 4 बजे मां मेरी साइकल लेकर दुकान गई और शराब की बोतल लेकर घर लौट आई। बैठकर शराब पी और बोली आखिरी बार मेरे हाथ से खाना खा ले। मेरे मर जाने के बाद तुझे कोई प्यार से खाना नहीं खिलाएगा। मजाक-मजाक में उसने गले में रस्सी का फंदा लगाया और आत्महत्या करने की धमकी देने लगी। देखते-देखते रस्सी का फंदा मां की गर्दन में कस गया और वह बेसुध हो गई। मैं भाग कर गई और कुल्हाड़ी लेकर आई।

कुल्हाड़ी से रस्सी काटी और कमर पकड़कर मां को नीचे लेटा दिया। भाग कर पड़ोसी के पास गई और चाचा को फोन लगाकर जानकारी दी। करीब 15 मिनट बाद पिता और चाचा घर आ गए। वे मां को अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया। यह बातें नईदुनिया से चर्चा करते समय 12 वर्षीय बेटी ने बताई, जिसके सामने मंगलवार को उसकी 32 वर्षीय मां ने फांसी लगा ली थी।

घटना विजय नगर थाना क्षेत्र स्थित भमोरी इलाके में बनी झोपड़ पट्टी की है। मंगलवार शाम 5 बजे बबली को उसका पति मुकेश बागड़ी एमवायएच ले गया था। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया। मुकेश ने बताया कि वह सुबह काम के सिलसिले में महालक्ष्मी नगर चला गया था। करीब 4 बजे बुआ के लड़के बादल ने फोन पर बताया कि भाभी (बबली) ने खुदकुशी कर ली है। उसकी करीब 15 वर्ष पहले शादी हुई थी। पत्नी शादी के बाद से शराब पीने लगी थी। कई बार नशे में विवाद भी हो जाता था। बेटी नेहा ने बताया कि पिता के जाने के बाद मां ने सुबह शराब पी ली थी। दोपहर में भी वह दोबारा शराब खरीदकर ले आई और घर में बैठकर पी।

इसके बाद उसने खुद खाना निकाला और मुझे खिलाने लगी। घटना के वक्त छोटे भाई-बहन घर के बाहर खेल रहे थे। मां ने कहा कि आज मेरे हाथ से खाना खा ले, फिर कोई नहीं खिलाएगा। खाना खाने के बाद उसने गले में रस्सी बांधी और मरने की धमकी देने लगी। मां को देखकर ऐसा लगा वह मजाक कर रही है, लेकिन पल भर में वह फंदे में झुल गई। मां को बेसुध होता देख भागकर कुल्हाड़ी लेकर आई और फंदा काटा। बुधवार को पीएम होने के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया है। पुलिस के मुताबिक बबली अपने पति, बड़ी बेटी नेहा, दुर्गा व छोटी बेटी आशिकी सहित बेटा गणेश, कृष्णा और बाबू के साथ रहती थी। पति मनोज सेंटिंग का काम करता है। पास के झोपड़ियों में कई रिश्तेदार रहते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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