Indore News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बिना संचालक मंडल के करीब 12 साल से निष्क्रिय नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था के चुनाव की तैयारी एक बार फिर की जा रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी ने इंदौर उपायुक्त कार्यालय से संस्था की नई मतदाता सूची और चुनाव कराने का प्रस्ताव बुलाया है। उपायुक्त द्वारा काफी पहले चुनाव का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां होने से निर्वाचन प्राधिकारी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था में लगभग चार हजार सदस्य हैं। इनमें से कई सदस्यों को अब तक भूखंड नहीं मिल पाए हैं। संस्था के पूर्व पदाधिकारियों ने सदस्यों को भूखंड न देते हुए कुछ जमीन अवैध तरीके से रियल एस्टेट कंपनियों और कारोबारियों को बेच दी थी। संस्था के पीड़ित सदस्य अपने हक का भूखंड हासिल करने के लिए कई साल से संघर्ष भी कर रहे हैं। नवभारत गृह निर्माण सहकारी संस्था संघर्ष समिति ने इस संबंध में जिला प्रशासन को भी शिकायत की थी।

भूमाफिया का हो गया कब्जा - पीड़ित सदस्य देवेंद्र जैन, उमेश नीमा, अशोक पाटोदी आदि ने शिकायत में कहा है कि संस्था के नियमों के तहत इसमें सदस्यों की अधिकतम 1600 सदस्य होनी थी, लेकिन पदाधिकारियों ने नियमों को ताक में रखकर लगभग चार हजार सदस्य बना लिए। संस्था की वर्ष 2003-04 की आडिट रिपोर्ट के अनुसार 2190 सदस्य ही थे। बाद में संस्था पर भूमाफिया बाबी छाबड़ा का कब्जा हो गया। भूमाफिया के कहने पर चिराग शाह और उसके साथियों ने दो हजार नए सदस्य बना दिए। इससे पुराने और वरिष्ठ सदस्यों को उनका हक नहीं मिला।

मतदाता सूची में थी गड़बड़ी - संस्था के पूर्व संचालक मंडल ने संस्था की आवासीय भूमि को गैर आवासीय दर्शाकर इसे बेच दिया। संस्था में जमीन के घोटालों और भूमाफिया व सहकारिता अधिकारियों की मिलीभगत को देखते हुए करीब पांच साल पहले भी जिला प्रशासन ने संस्था के चुनाव सहकारिता उपायुक्त कार्यालय से कराने के बजाय एसडीएम को चुनाव अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव निर्वाचन प्राधिकारी को भेजा था। मतदाता सूची में गड़बड़ी होने से यह प्रक्रिया जहां की तहां थम गई थी। सहकारिता उपायुक्त मदन गजभिये का कहना है कि निर्वाचन प्राधिकारी के निर्देश के अनुसार दोबारा सूची और प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सभी सदस्यों के आधार और मोबाइल नंबर भी मांगे गए हैं, लेकिन व्यावहारिक तौर पर यह संभव नहीं हो पा रहा है।

Posted By: Hemraj Yadav

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close