इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया (आइसीएआइ) जल्द ही पुराने सीए कोर्स की जगह नया कोर्स लागू करेगा। इसकी जानकारी देने के लिए इंदौर सीए शाखा ने कार्यक्रम आयोजित किया। नए कोर्स के ड्राफ्ट पर चर्चा की गई और सीए सदस्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से सुझाव आमंत्रित किए गए।

मुख्य वक्ता आइसीएआइ के बोर्ड आफ स्टडीज के अध्यक्ष सीए दया निवास शर्मा थे। उन्होंने प्रस्तावित बदलाव पर प्रेजेंटेशन दिया और बताया कि ये बदलाव किन बातों को ध्यान में रख कर प्रस्तावित किए गए हैं। इंदौर शाखा के अध्यक्ष सीए आनंद जैन ने कहा कि आइसीएआइ हर दस वर्ष में अपने कोर्स में बदलाव करता है, लेकिन इस बार पांच वर्ष में ही बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जो प्रस्ताव रखे गए हैं, उनका आने वाले समय में बहुत प्रभाव पड़ेगा। ये प्रस्ताव आने वाले 10-20 साल की दिशा तय करेंगे। आगे जाकर सीए भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में सेवाएं दे सकेंगे। अब आइसीएआइ का ध्यान स्पेशिएलाइज्ड सीए तैयार करने पर है। सीए की परीक्षा में पसंद के पेपर का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है ताकि विद्यार्थी को जिस विषय में रुचि होगी, उसमें वे भविष्य बनाकर कार्य कर सकते हैं।

प्रदेश से 600 सुझाव - शर्मा ने बताया कि नए प्रस्तावित प्रशिक्षण माड्यूल को लेकर देशभर से 17 हजार से ज्यादा सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इसमें मध्य प्रदेश से 600 सुझाव मिले हैं। कार्यक्रम में आइसीएआइ के पूर्व अध्यक्ष सीए मनोज फड़नीस, सीए अभय छाजेड़, सीए कीर्ति जोशी, रजत धानुका, स्वर्णिम गुप्ता, मनीष डाफरिया, असीम त्रिवेदी, सार्थक जैन, अनुभव जैन, अमितेश जैन, मौसम राठी और अन्य सीए सदस्य मौजूद थे।

नए कोर्स के लिए प्रस्ताव -

  • आर्टिकलशिप की अवधि तीन से घटाकर दो वर्ष कर दी जाए।
  • आर्टिकलशिप के दौरान साल की 12 छुट्टियों को छोड़कर कोई भी अतिरिक्त अवकाश प्रदान न किया जाए।
  • आर्टिकलशिप की शुरुआत इंटरमीडिएट परीक्षा के दोनों ग्रुप पास करने के बाद हो।
  • इंटरमीडिएट और फाइनल में आठ पेपर होते हैं, जिसे छह करना प्रस्तावित है।
  • फाउंडेशन की परीक्षा में विद्यार्थी को हर पेपर में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। पहले यह 40 प्रतिशत था।
  • नए कोर्स में स्व-अभ्यास आनलाइन माड्यूल भी जोड़ा गया है। विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होने के लिए हर माड्यूल में 50 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
  • औद्योगिक प्रशिक्षण की अवधि 18 से घटाकर 12 महीने कर दी जाएगी।
  • प्रैक्टिस करने के लिए सीए को एक वर्ष की अतिरिक्त आर्टिकलशिप करनी होगी।
  • अब बिजनेस अकाउंटिंग एसोसिएट की डिग्री प्रदान की जाएगी।

नए कोर्स को लेकर मिले सुझाव -

  • हर राज्य में तीन लोगों की समिति बनाकर जमीनी स्तर पर इस प्रस्तावित बदलाव के असर के बारे में चर्चा करना चाहिए और उसके बाद लागू करना चाहिए।
  • फाउंडेशन में सभी एमसीक्यू आधारित पेपर के बजाय कुछ पेपर डिस्क्रिप्टिव और सलेक्टिव दोनों प्रकार के होने चाहिए।
  • फाउंडेशन में जो न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक सभी विषयों में लाना प्रस्तावित हैं, उसके बजाय पुरानी व्यवस्था ही रखना चाहिए।
  • आर्टिकलशिप के दौरान किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण जैसे आइटी, एमसीएस, ओरिएंटेशन आदि नहीं होना चाहिए।
  • डायरेक्ट एंट्री रूट से आने वाले छात्र, इंटरमीडिएट के दोनों ग्रुप पास करने के बाद ही आर्टिकलशिप कर सकते हैं। इसके बजाय कुछ और व्यवस्था देनी चाहिए, ताकि छात्र दोनों ग्रुप पास न कर पाए तो भी विकल्प मौजूद रहे।

Posted By: Hemraj Yadav

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