इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Indore News। रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के आरोपित को हाई कोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि महामारी के दौर में जब लोग किसी अपने की जान बचाने के लिए एक-एक इंजेक्शन के लिए भटक रहे थे आरोपित ने इसकी कालाबाजारी की। उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

25 अप्रैल 2021 को उज्जैन जिले के चिमनगंज पुलिस थाने पर सूचना मिली थी कि कुछ लोग रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए इसे महंगे दाम पर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को एक इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों से हुई पूछताछ में उन्होंने बताया कि आरोपित हरिओम पुत्र शांतिलाल उन्हें महंगे दाम पर बेचने के लिए ये इंजेक्शन उपलब्ध करवाता था। पुलिस ने हरिओम को हिरासत में ले लिया। उसके कब्जे से भी कुछ इंजेक्शन जब्त हुए थे। इसके बाद से वह जेल में है। उसने हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी।

उसकी ओर से तर्क रखे गए कि वह नर्सिंग का छात्र है। जो इंजेक्शन उसके पास से मिले थे उनका कोरोना के इलाज से कोई लेना देना नहीं है। शासन की तरफ से जमानत याचिका का विरोध किया गया। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।

Posted By: gajendra.nagar

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