इंदौर। न भाषण, न संबोधन... हाथों में तिरंगा थामे हजारों लोगों ने रविवार दोपहर शहर में सीएए के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उल्‍लेखनीय है कि आयोजन दोपहर दो बजे से होना तय किया गया था लेकिन दोपहर12 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग दशहरा मैदान पहुंचने लगे थे। वहीं प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के कारण रैली नहीं निकाली गई। सभा के बाद कार्यक्रम समाप्‍त कर दिया गया।

रविवार को दोपहर दो बजते तक हाथों में तिरंगा थामे हजारों लोग भारत माता की जय के नारे लगाते पहुंच चुके थे। मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता सहित आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने कार्यक्रम में भाषण नहीं दिया। जानकारी के अनुसार राष्ट्रगान होते ही मैदान और बाहर मौजूद भीड़ अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गई।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में रविवार को कई समाजों के लोग एकत्रित हुए। अपने अलग-अलग पारंपरिक परिधानों में पहुंचे ये लोग आकर्षण का केंद्र रहे। सीएए के समर्थन में सिख, सिंधी, महाराष्ट्रीयन माहेश्वरी समाज बड़ी संख्या में नजर आया। साथ ही कुशवाह, पारसी, मुस्लिम, बोहरा समाज ने भी तिरंगा यात्रा में भागीदारी की।

सिख समाज के लोग केसरी पगड़ी पहने हुए थे तो महाराष्ट्रीयन महिलाएं पारंपरिक साड़ी और सिर पर साफा बांधे हुए थीं। सिंधी समाज के लोग सिंधी टोपी पहने हुए थे। बोहरा समाज भी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में था। ईसाई और पारसी समाजनन भी इसमें शामिल हुए। लोग समूहों में अपने हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचे थे। आयोजन में विभिन्ना समाजों के धर्मगुरु और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

Posted By: Hemant Upadhyay

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