Indore News: इंदौर (नईदुन‍िया प्रतिनिधि)। शादी के लिए मामामामी हल्दी लगाने के लिए खोज रहे थे, लेकिन नाबालिग बालिका किसी तरह भागकर थाने पहुंच गई। जबरदस्ती शादी कराने की शिकायत की। इसके बाद बाल कल्याण समिति की समझाइश के बाद विवाद रुकवाया गया। बालिका के पिता नहीं हैं और मां ने दूसरी शादी कर ली है। मामामामी ही उसका पालन कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि विगत एक सप्ताह में ही जिले में बाल विवाह के चार मामले सामने आए हैं।

नाबालिग बालिका ने बुधवार सुबह अन्नपूर्णा थाने पर शिकायत की। जिसके बाद बाल विवाह विरोधी उडदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक चाइल्‍ड लाइन के दीपक गोस्वामी व दिव्या गर्ग के साथ थाने पहुंचे। बालिका ने बताया कि उसकी उम्र कम है और मामा जबरर्दस्ती 30 वर्ष के युवक से शादी करा रहे हैं।

दस्तावेज जांचने पर बालिका की उम्र 15 वर्ष निकली। विवाह 26 मई को होना था। अचानक विवाह रद होने से वर पक्ष ने समाज में छवि खराब होने रोना शुरू कर दिया। विवाह का पूरा खर्च वे ही उठा रहे थे। इस बीच बालिका के मामा और मामी ने कहा कि बालिका के पिता नहीं हैं।

बेटी के व्यवहार से परेशान मां ने अन्य जगह विवाह कर लिया था, तभी से लड़की मामा के सुदामा नगर स्थित मकान में अकेली रह रही है। वह नानी को भी पीटती है। उन्होने कई तरह के फोटो और वीडियो सामने रखकर बालिका पर आरोप लगाए। बाल कल्याण समिती के सामने बालिका की दोस्त ने उसे अपने साथ रखने का प्रस्ताव दिया, जिसे समिति ने नकार दिया। इसके बाद लड़की को बालिका गृह भेज दिया गया।

इनका कहना है

बच्ची के पिता नहीं हैं और वह मां के साथ भी नहीं रहती है। मामामामी विवाह करवा रहे थे, लेकिन बच्ची की इच्छा नहीं थी। बाल विवाह रुकवा दिया गया है। बच्ची को सुरक्षा देने के लिए उसे बालिका गृह भेज दिया गया है।

पल्लवी पोरवाल (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति)

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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