Indore News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वाणिज्यिक कर विभाग के डाटा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के विश्लेषण के आधार पर कर चोरी करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विभाग ने सितंबर माह के आंकड़े जारी किए हैं। सितंबर माह में ही सेंटर की सूचना के आधार पर विभाग ने प्रदेशभर के अलग-अलग शहरों-कस्बों में कुल 36 व्यापारिक फर्मों व 166 वाहनों पर छापा मारा व जांच की। इस दौरान कुल 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की कर चोरी पकड़ी गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर ही कारोबारियों ने कुल 14.66 करोड़ रुपये जीएसटी शासन के खजाने में जमा भी करवा दिया।

वाणिज्यिक कर विभाग के इंदौर मुख्यालय पर डाटा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बीतेे कुछ महीनों से ही शुरू हुआ है। वाणिज्यिक कर आयुक्त लोकेश कुमार जाटव के अनुसार, सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर जीएसटी के डाटा का विश्लेषण कर लीड विभाग को दे रहा है। इस आधार पर कर चोरी की आशंका वाले स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है। सितंबर माह के दौरान हुई कार्रवाई में विभाग के निशाने पर सिगरेट, पान मसाला, सीमेंट और कंस्ट्रक्शन से जुड़ी फर्में रहीं। जीएसटी पोर्टल व अन्य विभागों के डाटा के विश्लेषण के लिए वाणिज्यिक कर विभाग कार्यालय में डाटा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। यहां डाटा साइंस और डाटा माइनिंग की तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कर अपवंचन करने वालों की जानकारी जुटाई जाती है। अत्यधिक कर चोरी का आकलन होने पर छापों की कार्रवाई की जा रही है।

पहले दौर में इन शहरों में मारे छापे - विभाग के अनुसार, कार्रवाई का पहला दौर 9 सितंबर से शुरू हुआ। इस दौरान इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सिंगरौली, उमरिया और शाजापुर की 11 व्यापारिक फर्मों पर जांच की गई। इन ठिकानों पर 60 से अधिक अधिकारियों ने एक साथ छापे मारे। छापों के पहले दौर में भोपाल के सीमेंट व्यवसायी महक इंटरप्राइजेस, कंस्ट्रक्शन सर्विस के मे. ईशान बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, सिंगरौली के सीमेंट व्यवसायी यूसी जायसवाल, कंस्ट्रक्शन व्यवसायी मे.आइडियन इंडस्ट्रियल एक्सप्लोजिव लि., जबलपुर की मे. मोहित एजेंसी, इंदौर की अयांश ट्रेडर्स, शाजापुर की डे टू डे ट्रेडर्स, उमरिया की मामाजी एजेंसी, विशाल ट्रेडर्स और इंदौर की गणपतलाल ओमकारलाल अग्रवाल एंड कंपनी की प्राथमिक जांच में ही 12 करोड़ की कर चोरी पकड़ी गई। मौके पर इन व्यापारियों ने सात करोड़ रुपये जमा कराए गए।

दूसरे दौर में 23 के ठिकानों पर छापे - सितंबर के दूसरे पखवाड़े में 23 फर्मों पर दबिश दी गई। ये सभी सिगरेट और पान मसाला से जुड़ी फर्म हैं। इनमें इंदौर की विशाल सुपारी सेंटर, विजय एंड कंपनी, देवकृपा ट्रेडिंग कंपनी, आरजी ट्रेडर्स, धार (पीथमपुर) की रघुवंशी किराना भंडार, मिश्रा किराना स्टोर, मंदसौर की ताराचंद मोटवानी, सिवनी मालवा के मे. चंद्रगोपाल संदीप कुमार, मे. पवन ट्रेडर्स, मे. बालाजी ट्रेडर्स, मे. रीतेश ट्रेडर्स, मे. माहेश्वरी ट्रेडर्स, जबलपुर की एबी ट्रेडिंग कंपनी, गणेश फ्रेग्रेंस, शिवपुरी की गहोई ट्रेडर्स, शुभांगी ट्रेडर्स और भोपाल की मे. गुरुकृपा पान मसाला, मे. न्यू जैन पान मसाला, मे. कृष्णा पान मसाला, मे. सचिन पान मसाला, मे. सचिन स्टोर्स, मे. कपिल स्टोर्स व मे. माणिक पान मसाला पर कार्रवाई करते हुए 18 करोड़ की करचोरी निकाली गई। इनसे 4.69 करोड़ रुपये मौके पर ही जमा कराते हुए बाकी राशि जमा करवाने की कार्रवाई की जा रही है। इनके अलावा विभाग ने 16 सितंबर से 19 सितंबर तक अभियान चलाकर गाड़ियों की जांच की। 166 गाड़ियों की जांच में 2.97 करोड़ रुपये का टैक्स जमा कराया। ये सभी गाड़ियां स्टील व पान मसाले की थी।

Posted By: Hemraj Yadav

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