इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि,Indore News। शहर के 12 राशन भंडारों में हुए घोटाले में तबस्सुम महिला सहकारी उपभोक्ता भंडार और मां बिजासन सहकारी उपभोक्ता भंडार के कुछ पदाधिकारियों ने अपने हिस्से की गबन की राशि प्रशासन के पास जमा कराई है। इनमें तबस्सुम सहकारी भंडार की अध्यक्ष आशा प्रकाशचंद्र और उपाध्यक्ष चंद्रिका राजेश ने 80-80 हजार रुपये जमा कराए हैं तो मां बिजासन सहकारी उपभोक्ता भंडार के अध्यक्ष धर्मेंद्र भंवरलाल ने भी 60 हजार रुपये जमा करा दिए हैं।

इन उपभोक्ता भंडारों के बचे हुए संचालकों और अन्य उपभोक्ता भंडारों को भी नोटिस जारी हुए हैं। इनके आरोपित पदाधिकारियों और संचालकों द्वारा गबन की राशि जमा नहीं कराई गई तो उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में शहर के 12 राशन भंडारों में 79 लाख रुपये से अधिक के राशन का गबन और हेराफेरी पाई गई है।

दरअसल, कोरोना के लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद भी शासन ने गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन भेजा था। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के सामान्य राशन के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में भी गरीबों के लिए मुफ्त राशन भेजा गया था। इस राशन का अधिकांश हिस्सा गरीबों तक पहुंचा ही नहीं। राशन का वितरण करने वाली उचित मूल्य दुकानों के संचालकों ने सरकार की ओर से भेजा गया राशन गरीबों तक न पहुंचाते हुए खुद हड़प कर लिया और बाजार में बेच दिया। गरीबों के लिए मुफ्त में भेजे गए राशन से अवैध कमाई कर ली। हाल ही में प्रशासन ने इसकी जांच कराई तो मामला उजागर हुआ।

Posted By: gajendra.nagar

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