Indore News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के मासिक रिटर्न फार्म 3-बी के प्रारूप में बदलाव और सुधार होगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआइसी) ने 3-बी में सुधार और जरूरी बदलाव के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। इंदौर के कर सलाहकार और व्यवसायी केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड को सुझाव भेजने की तैयारी कर रहे हैं। 15 सितंबर तक सुझाव भेजने के लिए समय दिया गया है।

जीएसटी में 3-बी फार्म के जरिए मासिक रिटर्न दाखिल किया जाता है। इसमें सप्लाई का विवरण कारोबारी को दर्ज करना होता है। आउटवर्ड और इनवर्ड सप्लाई से लेकर आइटीसी और अमेंडमेंट टेबल जैसी तमाम जानकारियां इस फार्म में दर्ज होती है। जीएसटी में 3-बी फार्म आने के बाद से अब तक लगातार कर सलाहकार और व्यापारी इसमें आवश्यक सुधारों की मांग कर रहे थे।

टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (टीपीए) इंदौर के सचिव (सीजीएसटी) सीए मनोज पी गुप्ता के अनुसार सीबीआइसी ने कर सलाहकारों के साथ व्यापारी संगठनों से सुझाव मांगे हैं। टीपीए भी अपने सदस्यों से थ्री-बी में संशोधन को लेकर सुझाव आमंत्रित कर रहा है। सुझाव संकलित कर केंद्रीय बोर्ड को भेजे जाएंगे। जीएसटी को आसान बनाने के लिए अरसे से इस फार्म में सुधार की मांग की जा रही है। सीए गुप्ता के अनुसार प्रारंभिक रूप से जो सुधार आवश्यक प्रतीत हो रहे हैं, उनमें छह बिंदु प्रमुख हैं।

इन सुधारों की मांग

  • जीएसटीआर-1 से डाटा आटो पाप्युलेट होने की सुविधा देना
  • सप्लाई और आइटीसी की निगेटिव वैल्यू को 3-बी में दर्शाने की सुविधा फार्म में देना
  • आइटीसी की ब्लाक क्रेडिट दिखाने के लिए फार्म में एक अलग पंक्ति होना चाहिए, ऐसी आइटीसी जिसे मौजूदा में रिवर्स करना हो लेकिन आगे यूटीलाइज करवना हो उसे फार्म में दिखाने के लिए एक टेबल दिया जाएगा
  • फार्म 3-बी का मिलान करदाता की बुक्स से पूरी तर होना चाहिए
  • फार्म भरने के लिए ड्राप डाउन मेन्यू की सुविधा मिले
  • पूर्व के माह की आउटवर्ड सप्लाय की वैल्यू और आइटीसी संशोधन के लिए टेबल दी जाए।

Posted By: Hemraj Yadav

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