इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के एक किसान ने ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को एक प्लान पेश किया है, जिसमें गाड़ियां बिना रुके चौराहों से निकल सकेंगी। इसके लिए न तो सिग्नल की जरूरत होगी और न किसी सिपाही की। एसपी ने प्लान ट्रैफिक पुलिस को सौंप दिया है। जल्द ही किसी चौराहे पर इसे लागू किया जाएगा।

मंगलवार दोपहर मांगलिया में रहने वाले किसान सुरेश पटेल कंट्रोल रूम पहुंचे और एसपी सूरज वर्मा से मुलाकात की। सुरेश एक चौराहे का मॉडल बनाकर लाए थे और अधिकारियों को विस्तृत रूप से बताया। पटेल के मुताबिक उनके मॉडल को थोड़े से मॉडिफिकेशन (सुधार) के साथ शहर के किसी भी चौराहे पर लागू किया जा सकता है। इसमें किसी भी चौराहे पर से गाड़ी को रुकना नहीं पड़ेगा।

उन्होंने रेडिसन चौराहे को मॉडल लेकर पेश किया। अधिकारी भी पटेल के मॉडल से संतुष्ट हुए। एसपी सूरज वर्मा ने बताया कि यह अच्छी बात है कि लोग शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए आगे आ रहे हैं। हम पटेल के मॉडल प्रोजेक्ट को ट्रैफिक पुलिस के पास भेज रहे हैं। वहां इसका विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

यह है प्रोजेक्ट

चारों तरफ से समान रूप से चलता रहेगा ट्रैफिक

पटेल के मुताबिक मॉडल के अनुसार बनने वाले चौराहे की खासियत यह होगी कि इस पर चारों तरफ से ट्रैफिक समान रूप से चलता रहेगा। इसके लिए सिग्नल और ट्रैफिक पुलिस की भी जरूरत नहीं होगी। चौराहे पर से आने वाले ट्रैफिक भार को चार भागों में बांटा गया है। अगर रेडिसन चौराहे पर प्लान को लागू किया जाता है तो चौराहे पर आने वाली चारों ओर की सड़कों पर लेफ्ट र्टन बनाया जाएगा। इससे चौराहे का 25 प्रतिशत वाहनों का दबाव स्वतः खत्म हो जाएगा। इसके अलावा चौराहे पर आने वाली सभी सड़कों पर 350 फीट दूर यू-टर्न बनाए जाएंगे। इसमें वाहन सीधे चलकर आगे मुड़ जाएंगे। जिन वाहनों को बायपास से विजय नगर चौराहे की ओर जाना है, वे चौराहे पर आकर लेफ्ट टर्न लेंगे और महिदपुर वाला के यहां बने यू-टर्न से मुड़कर मालवीय नगर से आने वाले वाहनों के सामानांतर चलते हुए मुड़ेंगे और विजय नगर जाने वाले रास्ते पर आ जाएंगे। ऐसा सभी तरफ के चौराहे पर होगा।

डायवर्शन के कारण आया विचार

पटेल ने बताया कि वे कुछ समय पहले विश्वविद्यालय के खंडवा रोड परिसर की तरफ से लौट रहे थे, तभी पुलिस ने किसी कारणवश आईटी पार्क चौराहे पर ट्रैफिक को डायवर्ट कर राजीव गांधी चौराहा भेजा था। वहां से वाहन भंवरकुआं आए थे। तभी विचार आया कि इतने लंबे डायवर्शन के बजाय इसे छोटे डायवर्शन में बदला जाए तो भी यही नतीजे आएंगे।

विशेषज्ञ बोले- व्यावहारिक रूप से संभव नहीं

ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। वाहनों का दबाव अधिक है। अगर वाहन बिना रुके यूटर्न लेकर आएंगे तो जहां यूटर्न होगा, वहां जाम लगेगा। इसके अलावा जिस सामानांतर ट्रैफिक की बात की जा रही है, वहां तो जाम लगेगा ही। यूटर्न होने पर कोई गाड़ी खराब हो गई तो जाम लगना तय है। वहीं, शहर की संकरी सड़कों पर इस तरह से यूटर्न बनाना आसान नहीं होगा। इस प्लान के हिसाब सें बसों और दूसरे बड़े वाहनों के मुड़ने में दिक्कत होगी।