इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। ज्योतिषी पं.जयप्रकाश वैष्णव के घर डकैती कर भागे बदमाश बदमाश पुलिस को चकमा दे गए। प्लंबर सगीर ने छापे की सूचना लीक कर दी और आरोपित पुलिस पहुंचने के कुछ घंटो पहले घरों घरों से भाग गए। अफसर कोटा पुलिस की मदद से डकैतों के स्वजनों से पूछताछ कर रही है।आरोपित सगीर के चाचा जाकिर उर्फ लंगड़ा को हिरासत में लिया गया है।

एसपी(पश्चिम) महेश चंद जैन के मुताबिक डकैती का मास्टर माइंड श्रीनगर कांकड़ निवासी सगीर खान है।सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बुधवार रात उसके घर छापा मारा तो थोड़ी देर पहले स्कूटर लेकर भाग गया।देर रात जूनी इंदौर सीएसपी सीएसपी दीशेष अग्रवाल और भंवरकुआं थाना टीआइ संतोष दूधी करीब 15 पुलिसकर्मियों का दल लेकर रवाना हुए और डकैत फय्यूम उर्फ फईम खान निवासी मोड़क थाना सुकैत,आकाश उर्फ योगेशसिंह निवासी सातलखेड़ी गौतमसिंह पुत्र रमेशसिंह निवासी ढाबादेवी,समीर पठान निवासी सातलखेड़ी और दीपक गुर्जर निवासी सातलखेड़ी फरार हो गए।

टीम ने कोटा पुलिस की मदद से आरोपितों के स्वजनों को हिरासत में लिया तो बताया पुलिस आने की सूचना मिलने पर सभी देर रात फरार हुए है। पुलिस अब झालावाड़,रामगंज मंडी और टोंक क्षेत्र में लोकेशन के आधार पर जांच कर रही है। टीआइ के मुताबिक आरोपितों को चिन्हित कर फरारी पंचनामा बना लिया है। स्थानीय पुलिस को भी वारदात और इनाम की जानकारी दे दी है।

मास्टर माइंड है प्लंबर

वारदात का मास्टर माइंड सगीर खान है। नल फिटिंग का काम करने वाले सगीर की फय्यूम से पहचान थी। उसने फय्यूम को बताया ज्योतिषी के घर करोड़ों रुपये है और घर में महिलाएं ही रहती है। उसने ज्योतिषी के घर की रैकी की और 18 नवंबर को छह साथियों के साथ धावा बोल दिया। ज्योतिषी की पत्नी भावना,बेटी श्वेता,नेता,छात्रा सीता यादव और दो नौकरानियों को बंधक बनाकर डेढ़ लाख रुपये लूट लिए।

गिरोह का सरगना है फय्यूम

सीएसपी दीशेष अग्रवाल के मुताबिक सगीर और फय्यूम की शादी समारोह में पहचान हुई थी। फय्यूम गैंग के सदस्य आकाश,दीपक,समीर,गौतम को लेकर आया और सगीर के चाचा जाकिर के घर(दरगाह के पीछे) ठहरा। मौका मिलते ही ज्योतिषी के घर धावा बोल लिया। घटना के वक्त जाकिर शादी में राजस्थान गया था। सगीर ने मजदूरों को ठहराने के बहाने घर की चाबी रख ली थी।

तौलिया-गाड़ी और चश्‍मा-जूते से मिला सुराग

एसपी महेश चंद जैन के मुताबिक पुलिस को ज्योतिषी के घर से सीसीटीवी फुटेज मिले जिसमें एक बदमाश के पास तौलिया था। एक काला चश्‍मा और बूट पहने थे। जिन गाड़ियों से भागे उन पर नंबर नहीं थे। एसआइ जयेंद्र शर्मा,अभिनव,संजय दांगी,दीपक,रोहित कमलेश ने रिंग रोड,बंगाली चौराहा,खजराना के कैमरें खंगाले और गौहरनगर व इशाहक कॉलोनी पहुंच गए। यहां जाकिर के घर के पास आरोपितों की गाड़ियां खड़ी दिखी जो कुछ दिन पहले आ गई थी।

कड़ियां जोड़ते हुए 300 किमी पहुंची पुलिस

एक टीम में विश्वास,ओमप्रकाश सोलंकी,धीरेंद्रसिंह राठौर,कमल,कपिल,दीपक रघुवंशी और श्याम थे जो फुटेज से कड़ियां जोड़ते हुए डग(राजस्थान) पहुंच गए। आखिरी फुटेज से टीम ने तय कर लिया कि डकैत के तार राजस्थान से ही जुड़े हैं। सीएसपी ने पीएसटीएन डेटा की जांच की और मोड़क व सातलखेड़ी की गैंग को चिन्हित कर लिया। हालांकि प्लंबर सगीर ने पुलिस रवाना होने से पूर्व कॉल कर बदमाशों को फरार कर दिया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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