इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बस संचालकों पर परिवहन विभाग का कितना नियंत्रण है, यह शनिवार को उस वक्त सामने आया जब देवास सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड की एक बस इंदौर के बायपास पर पकड़ी गई। यह बस बिना परमिट के चल रही थी। हैरान करने वाली बात यह है कि 17 दिन पहले भी इस बस को पकड़ा गया था। उस समय भी इसके पास परमिट नहीं था। तब बस 40 हजार रुपये का जुर्माना भर कर छूट गई थी। इसके बाद फिर से बिना परमिट सड़क पर उतर गई।

आरटीओ जितेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि सरकार की सूत्र सेवा के रूप में इंदौर से देवास के बीच चल रही बस को हमने बायपास पर पकड़ा। देवास सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड की बस एमपी-13-पी-4151 को रोका गया। इसके बाद जब इसके दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि बस के पास परमिट नहीं था। वहीं यह बात भी सामने आई कि इस बस को परिवहन विभाग 17 दिन पहले 20 जुलाई को भी बिना परमिट चलते पाए जाने पर जब्त कर चुका था और जुर्माने के बाद इस शर्त पर छोड़ा गया था कि बस का संचालन परमिट बनाने के बाद ही किया जाएगा, लेकिन शनिवार को फिर यह बस बिना परमिट यात्रियों को ले जाते पकड़ी गई।

यह गंभीर लापरवाही है - आरटीओ रघुवंशी ने बताया कि बिना परमिट चलने पर बस को जब्त कर लिया गया है। साथ ही इस गंभीर लापरवाही की जानकारी इंदौर सहित देवास जिला प्रशासन को भी दी जा रही है। शासन से अधिकृत होकर चलने वाली बसों को नियमों के पालन में कोई चूक करना ही नहीं चाहिए। यह बस तो लगातार दो बार नियम तोड़ते पकड़ी गई है। गौरतलब है कि पिछले दिनों अपर कलेक्टर ने बैठक लेकर कहा था कि नियम के खिलाफ चल रही बसों के खिलाफ सख्ती कार्रवाई की जाए।

Posted By: Hemraj Yadav

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