Indore RTO : इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर के समीप भेरूघाट पर बस हादसे के बाद परिवहन विभाग के उड़नदस्ते के सुस्त रहने पर सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि चुनावों के कारण अभी उड़नदस्ते में शामिल कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव के कार्यों में लगा दी गई है। इसके कारण वाहनों की जांच का काम पूरी तरह से ठप हो गया है।

संभागीय उड़नदस्ते का मुख्यालय इंदौर है। यहां पर उडनदस्ता प्रभारी, कुछ परिवहन उपनिरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और जवानों की डयूटी लगाई जाती है, जो लगातार कार्रवाई करते हैं। लेकिन इंदौर में उड़नदस्ता प्रभारी के रूप में विरेश तुमराम की डयूटी लगाई गई है। लेकिन उनके पास सेंधवा बेरियर का प्रभार भी है। इसलिए वे वहीं रहते हैं। यहां पर बचे कर्मचारियों के साथ आरटीओ जितेन्द्र सिंह रघुवंशी सुबह सुबह वाहनों की चेकिंग करते हैं। लेकिन बीते करीब 15 दिनों से उड़नदस्ते में पदस्थ कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लग गई है, जिससे इस चेकिंग का काम भी रुक गया है।

स्कूल बसों की भी जांच नहीं - इसके अलावा हर साल स्कूल खुलने पर परिवहन विभाग स्कूल जाकर स्कूल बसों की चेकिंग भी करता है। लेकिन इस बार अब तक कोई चेकिंग अभियान ही नहीं चलाया गया है। स्कूल बसें ओवरलोडिंग कर रही हैं। उनमें स्पीड गवर्नर, जीपीएस, कैमरे लगे हैं या नहीं, इसकी जांच करने के लिए कोई जा ही नहीं रहा है। परिवहन विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। कभी कभार ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर देती है। लेकिन आरटीओ की टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की।

स्टाफ की कमी से जूझ रहा विभाग - जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग के पास पहले ही अमला कम है। जिन कर्मचारियों का तबादला इंदौर उड़नदस्ते में होता है, वे लोग या तो अपना तबादला निरस्त करवा लेते हैं, या यहां पर ज्वाइन ही नहीं करते हैं। इससे भी स्टाफ की कमी बनी रहती है और बस संचालक मनमानी करते रहते हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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