इंदौर। मुंहबोली मामी को आत्महत्या करने की सूचना देकर ठेकेदार ने सोमवार सुबह खुद को गोली मार ली। उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर दायीं ओर गोली चलाई जो दूसरे हिस्से में फंस गई। नौकर, मामा और पड़ोसी पहुंचे तो वह बिस्तर पर मृत मिला। रविवार रात बड़ी बेटी की शादी को लेकर उसका पत्नी, भाई और दोनों बेटियों से विवाद हुआ था। ठेकेदार के मोबाइल की जांच में पता चला कि उसने व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट लिखा और परिचित व रिश्तेदारों को मैसेज कर दिया।

कनाड़िया पुलिस के मुताबिक मृतक धर्मेंद्र सिंह (42) पिता रविराजसिंह राठौर निवासी वैभव नगर है। सीएसपी पंकज दीक्षित ने बताया कि धर्मेंद्र अपनी पत्नी बबीता, बड़ी बेटी अंकिता और छोटी बेटी विनीता के साथ रहता था। वह मोबाइल कंपनी का टावर लगाने का ठेका लेता था। कुछ महीने से वह महाराष्ट्र सहित दूसरे राज्य में टावर लगा रहा था। इसके साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, डेकोरेटर्स टेंट हाउस, कैटरिंग व्यवसाय से भी जुड़ा था। पुलिस के मुताबिक सुबह करीब 8.30 बजे ठेकेदार ने जूनी इंदौर निवासी मुंहबोली मामी अनुराधा को फोन लगाया और आत्महत्या करने का जिक्र किया।

करीब 15 मिनट बाद उसके मामा और दोनों नौकर उसकी बिल्डिंग में प्रथम मंजिल स्थित बेडरूम में पहुंचे तो धर्मेंद्र बेसुध हालत में मिला। इसके बाद नौकरों ने पड़ोसी डॉक्टर को घटना बताई। पुलिस जांच में कारतूस की एक खोल घर से सामने खड़ी गाड़ी के नीचे मिली, जबकि एक जिंदा कारतूस गाड़ी की सीट पर था।

बड़ी बेटी की शादी को लेकर हुआ था विवाद

टीआई अनिलसिंह चौहान के मुताबिक प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि ठेकेदार और उसके परिवार के बीच बड़ी बेटी की शादी को लेकर रविवार को विवाद हुआ था। परिवार के किसी शादी समारोह में जाने की जानकारी सामने आई है। समारोह में विवाद के बाद परिवार घर लौट आया था। गुस्से में ठेकेदार ने घर के बाहर दो हवाई फायर भी किए। उसका गुस्सा देख छोटा भाई सरवेंद्र दोनों भतीजी को लेकर सीहोर चला गया। सोमवार सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार लौटा। बेटी की शादी को लेकर चल रहे विवाद के बारे में भी पत्नी, बेटी और उसके मंगेतर सहित अन्य लोगों से पूछताछ की जाएगी।

आर्थिक तंगी से था परेशान

सीएसपी के मुताबिक ठेकेदार ने कई लोगों को सुसाइड नोट मैसेज किया है। इसमें पता चला कि वह अपनी बड़ी बेटी की 28 फरवरी को होने वाली शादी से नाखुश था। उसने दबाव में उसकी सगाई की थी। आर्थिक तंगी के कारण वह शादी की तारीख बढ़ाना चाहता था, लेकिन उसका और बेटी के मंगेतर (शैलेंद्र) का परिवार राजी नहीं था। सुसाइड नोट में ठेकेदार ने पत्नी, बेटी और शैलेंद्र का मोबाइल नंबर लिखा है। साथ ही मोबाइल की कंपनी, उसका पासवर्ड सहित दूसरे मोबाइल का भी जिक्र किया है। घटनास्थल से दो लाइसेंसी बंदूक मिली है। पुलिस के मुताबिक ठेकेदार के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। इसकी जानकारी निकाली जा रही है।

(व्हाट्सएप पर वायरल सुसाइड नोट)

सर, मैं धर्मेंद्रसिंह राठौर अपने आप को गोली मार रहा हूं। उसका एक ही कारण है शैलेंद्र की मां उसके पापा, मेरी पत्नी बबीता, मेरी बड़ी बेटी अंकिता सिंह राठौर और छोटी बेटी विनीता सिंह राठौर। अंकिता और उसकी मां ने जिद करके चुपचाप शैलेंद्र से अंकिता की शादी करवा दी। मुझे वह लड़का (शैलेंद्र) बिलकुल पसंद नहीं था, क्योंकि उसका चरित्र गंदा था। उस पर पहले भी एक लड़की ने परदेशीपुरा थाने में एफआईआर कराई थी। शैलेंद्र के माता-पिता और हमारी दोनों बेटी और पत्नी की जिद और अपनी इज्जत के कारण मैं हार गया। मैंने अंकिता की सगाई खूब धूमधाम से अंबर गार्डन में 16 अक्टूबर को की थी। बेटी की शादी 28 फरवरी को तय हो गई थी।

फाइनेंशियल परेशानी की वजह से हम शादी आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन शैलेंद्र के माता-पिता और हमारी पत्नी व दोनों बेटियों ने कहा कि मरो या जीयो, शादी तो अभी करना पड़ेगी। इन सबको बहुत समझाया पर ये लोग इस बात को नहीं माने। कल शाम को मैं एक पार्टी में जा रहा था तो शैलेंद्र का फोन आया कि शादी आगे नहीं बढ़ेगी। मैंने समझाने की कोशिश की पर वह और उसके माता-पिता नहीं माने।

थोड़ा गर्मागर्मी हुई तो उसने मेरी पत्नी और बेटी से कहा कि घर छोड़ दो इसको, हम सब देख लेंगे। मैं उसका ऑडियो भी आपको भेज रहा हूं। कल शाम से मेरा पूरा परिवार घर से चला गया। मेरी इज्जत बहुत है। उसे खराब करने में शैलेंद्र के माता पिता, मेरी पत्नी और दोनों बेटियों ने कोई कमी नहीं छोड़ी। सर, मैंने सयाजी होटल में सवा लाख रुपए भी भर दिए हैं और अंकिता के नाम पर फोर्ड इडेवियर (कार) भी खरीदकर एमजी रोड शोरूम पर खड़ी कर दी है। इन लोगों ने हमें तिल-तिल मरने के लिए मजबूर कर दिया था। कल शैलेंद्र ने मुझे बहुत नीचा दिखाया। मैं दोबारा उसके घर भी गया था। उसने, उसके माता-पिता, मेरी पत्नी, दोनों बेटियों ने मुझे मरने पर मजबूर किया है। मैं अपनी दोनो बेटियों को आईपीएस बनाना चाहता था। मैंने छोटी बेटी को दिल्ली में कोचिंग भी कराई और बड़ी को इंदौर में। इन सबको धूप, पानी और सर्दी न लगे, इसलिए गाडी भी दिलवाई पर शैलेंद्र और उसके माता-पिता ने मेरे परिवार को मुझसे दूर करके मुझे मरने पर मजबूर किया। सर, मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं। आपसे निवेदन है कि मेरी मौत की सजा शैलेंद्र, उसके माता-पिता, मेरी बेटियों और मेरी पत्नी को जरूर मिले।

धर्मेंद्र सिंह राठौर

-21 ए वैभव नगर, कनाड़िया रोड़ इंदौर, थाना कनाड़िया

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