Indore Ujjwal Shukla Column: उज्जवल शुक्ला, इंदौर, नईदुनिया। कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ वर्षों से लगातार गुटबाजी से जूझ रही है। हाल के दिनों में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों कमल नाथ और दिग्विजय सिंह के बीच फिर तनातनी देखने को मिली। इसे कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार के एक ट्वीट ने हवा दे दी है। उनका यह ट्वीट वैसे तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विरोध में लिखा दिखता है, लेकिन निशाना कहीं और प्रतीत हो रहा है। उमंग ने लिखा है- 'तीन दिन से मध्य प्रदेश में चल रहे हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे का पटाक्षेप, राजनेताओं को मर्यादित व शिष्टाचार की राजनीति करनी चाहिए... शिवराज जी।' सिंघार के इस ट्वीट के बाद सियासत चालू हो गई है। इसकी बड़ी वजह है उमंग सिंघार की दिग्विजय सिंह के साथ पटरी नहीं बैठना। दोनों नेताओं को पार्टी में एक-दूसरे का बड़ा विरोधी माना जाता है। कमल नाथ सरकार के दौरान भी दिग्गी-सिंघार की तकरार काफी चर्चा में रही थी।

महाराज की हरी झंडी से नगर कार्यकारिणी का रास्ता साफ

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का पहले इंदौर में मात्र क्रिकेट की राजनीति में ही दखल रहता था, लेकिन जबसे उन्होंने भाजपा में प्रवेश लिया, तबसे सत्ता और संगठन में उनकी धाक दिन पर दिन मजबूत होती जा रही है। 'महाराज' की हरी झंडी मिलने के बाद नगर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे की कार्यकारिणी अब किसी भी दिन प्रकट हो सकती है। कार्यकारिणी को लेकर चल रहा सिंधिया का पेंच अब सुलझ गया है। वे अपने खास समर्थक मोहन सेंगर को महामंत्री बनवाना चाहते थे। सेंगर का दो नंबर के नेता विरोध कर रहे थे। अब महाराज की मंशा को देखते हुए भाजपा ने मूल संगठन में आठ उपाध्यक्ष और आठ मंत्री की जगह अब तीन-तीन की संख्या और बढ़ा दी है। ऐसे में सेंगर को मंत्री पद से नवाजा जा सकता है। माना जा रहा है कि अब जल्द ही नगर कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जाएगी।

विधायक का टिकट पाने के लिए दबाव की राजनीति कर रहीं नूरी!

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ से कांग्रेस की राजनीति में आईं नूरी खान लगातार चर्चा में बनी रहती हैं। वे 20 साल से कांग्रेस से जुड़ी हैं और पार्टी के कई पदों पर रह चुकी हैं। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने दबाव की राजनीति का नया हथकंडा अपना लिया है। वे कभी कांग्रेस संगठन पर दबाव डलवाकर बड़ा पद हासिल करती हैं तो कभी प्रदेश की भाजपा सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करती हैं। राजनीति में लंबी उड़ान भरने के लिए जो भी करना पड़े, नूरी इन दिनों वह सब कर रही हैं। बताया जाता है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट का सपना पाले हुए हैं। ऐसे में उन्हें किसी ने सलाह दे दी कि ध्ारना-प्रदर्शन और आंदोलन का सहारा लो, तभी आलाकमान की नजर में आओगी। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इससे उनका राजनीतिक करियर डूबता है या उठता है।

दो खिलाड़ी टीम इंडिया में... क्रिकेट संगठन में खामोशी

मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए)में इन दिनों अजीब सी खामोशी है। शहर के दो खिलाड़ी भारतीय टीम में एकसाथ चुने गए। पूरा देश तारीफ कर रहा है, लेकिन प्रदेश में क्रिकेट की संस्था के गलियारों में सन्नाटा पसरा है। इसके पहले इस तरह के अवसरों पर जश्न मनाया जाता रहा है। 16 साल के बच्चों की टीम जीती तो इंदौर में बाकायदा जुलूस निकाला गया था। हालांकि संगठन के कर्ताधर्ताओं के पास अब कोरोना संक्रमण का बहाना है, लेकिन यह कारगर इसलिए नहीं क्योंकि दूसरे आयोजन हो रहे हैं। स्टेडियम में संग्रहालय बनाने की कवायद में सदस्यों को बुलाया गया था और काफी भीड़ जुटी थी। तो खिलाड़ियों के चयन का जश्न भी मन सकता था। इंटरनेट मीडिया पर संगठन के अधिकारियों द्वारा छुटपुट बधाइयां जरूर दी गईं, मगर अब शहर में चर्चा है कि क्रिकेट की संस्था में क्रिकेटरों के चयन की खुशी क्यों नहीं मनाई जा रही है।

Posted By: Prashant Pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local