Swachh Survekshan 2022: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पिछले पांच साल से इंदौर शहर स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 के स्थान बना हुआ है। छठवी बार इंदौर का स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर 1 मजबूत है। सर्वेक्षण में इंदौर का मुकाबला 4300 शहरों से है। सर्वे में 7500 अंको के आधार आंकलन किया जाएगा। पिछले सर्वेक्षण इंदौर को 6 हजार अंको में से 5618 अंक मिले थे। इसके आधार पर इंदौर प्रथम रहा था। इसके अलावा इंदौर को फाइव स्टार रेटिंग मिली थी। इस बार इंदौर सेवन स्टार रेटिंग लेने के लिए प्रयासरत है।

इंदौर देश का पहला शहर बना था जिसे वाटर प्लस रेटिंग मिली थी। इस तरह वाटर प्लस में इंदौर देश का पहला शहर बना था। इसके अलावा इंदौर को सफाई सुरक्षा चैलेंज प्रतियोगिता के पुरस्कार के रूप में 12 करोड़ रूपये मिले थे। इंदौर ने शहर में सफाईकर्मियों की सुविधाओं व सुरक्षा के लिए किए उपाय, उन्हें शासकीय योजनोां का लाभ दिलवाने व उनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों के कारण यह पुरस्कार मिला था। दिल्ली में स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के परिणाम 1 अक्टूबर को घोषित किए जाएगे। इसमें इंदौर को एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में प्रथम स्थान मिलना तय है।

इस वजह से हमारा नंबर 1 का दावा मजबूत

हम छह तरह का कचरा अलग-अलग एकत्र कर रहे

- देश के अन्य शहर जहां अभी गीला व सूखा कचरा ही अलग कर रहे है। वही इंदौर शहर में गीले व सूखे के अलावा छह तरह का कचरा अलग-अलग लिया है। इसमें प्लास्टिक, इलेक्ट्रिक, घरेलू हानिकारण, सेनेटरी वेस्ट को अलग-अलग लिया जाता है।

कमाई में आगे

- इंदौर ने वेस्ट टू वेल्थ की अवधारणा काम किया है। पिछले साल इंदौर ने 12 करोड़ रूपये की आय कचरा प्रबंधन की है। इसमें करीब 8.3 करोड़ रूपये कार्बन क्रेडिट की बिक्री से मिले। वही चार करोड़ रूपये बायो सीएनजी प्लांट, सूख कचरे के पृथकीकरण प्लांट, मलबे व भवन निमाण के वेस्ट से ईट व पेव्हर बनाने के संयत्र मिले है।

शहर की आबाेहवाा सुधार के लिए किए प्रयास

-वायु गुणवत्ता सूचकांक के तहत शहर के आबोहवा को बेहतर बनाने के लिए इंदौर नगर निगम ने पुराने डीजल वाले तीन पहिया वाहनों पर रोक लगाई। उनके विकल्प के रूप इलेक्टिक व सीएनजी वाहनों को बढावा दिया। शहर के होटल व रेस्टोरेंट में कोयले की भट्टियों को सीएनजी पर तब्दील किया। लोगों को जागरूकता के लिए रेड लाइट पर वाहन का इंजन बंद रखने का अभियान चलाया। इसके आलवा शहर के डिवाइडर पर पौधारोपण किया है। कई उद्योगों में कोयले के बायलर के स्थान पर सीएनजी चलित बायलर तब्दील करवाए।

कचरा प्रबंधन शुल्क व शिकायत निवारण में शत-प्रतिशत

-इंदौर देश का ऐसा शहर है जहां सभी नागिरकों से शतप्रतिशत कचरा प्रबंधन शुल्क वसूला जाता है। नगर निगम प्रतिवर्ष शहरवासियों से करीब 112 करोड़ रूपये लेता हैं।

- नगर निगम कचरा प्रबंधन संबंधित इंदौर 311 एप पर आने वाली शिकायतों का शतप्रतिशत निराकरण करता है। इस वजह से सर्वेक्षण में इंदौर को इस केटेगरी में 450 अंक मिल पाएंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

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