Indore-Manmad Rail Project : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। वर्षों से लंबित पड़ी मनमाड-इंदौर रेलवे परियोजना को लेकर मप्र ने तो समिति गठित कर दी लेकिन महाराष्ट्र ऐसा नहीं कर रहा है। मनमाड इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के मनोज मराठे ने बताया कि रेलवे बोर्ड और केंद्रीय मंत्रालय ने परियोजना को पूरा करने के लिए रेलवे एंड पोर्ट कार्पोरेशन का गठन किया है। इसमें मप्र महाराष्ट्र सरकार सहित पोर्ट कार्पोरेशन और जहाजरानी मंत्रालय मिलकर परियोजना को आर्थिक सहयोग देते हुए पूरा करेंगे।

पांच वर्ष पहले केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच एक एमओयू प्रस्तावित हुआ था। इसके तहत दोनों सरकारों को अपने हिस्से की 15-15 प्रतिशत राशि परियोजना की लागत में देनी है। 15 प्रतिशत राशि जहाजरानी मंत्रालय और जवाहर पोर्ट द्वारा 55 प्रतिशत राशि दिए जाने का प्रस्ताव हुआ था। इस एमओयू के तहत मप्र शासन ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। इससे प्रदेश के मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे। समिति में सड़क परिवहन विभाग लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव, पोर्ट कार्पोरेशन केंद्रीय रेल मंत्रालय के अधिकारी भी सदस्य होंगे। मनमाड इंदौर रेलवे संघर्ष समिति ने महाराष्ट्र शासन से भी एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की है। यह मांग भी की है कि इस समिति में इस परियोजना के संबंध में पर्याप्त जानकारी रखने वाले व्यक्तियों को मनोनीत सदस्य के रूप में शामिल किया जाए ताकि परियोजना को लेकर सकारात्मक माहौल तैयार किया जा सके।

250 किमी तक कम हो सकती है दूरी - इंदौर-मनमाड़ रेलवे लाइन का काम पूरा होने पर इंदौर से मुंबई के बीच की दूरी 250 किमी तक कम हो सकती है। वर्तमान में इंदौर से मुंबई की ट्रेन रतलाम-बड़ोदरा होते हुए मुंबई पहुंचती है। इंदौर मनमाड़ रेलवे लाइन का काम पूरा हो जाए तो इंदौर से मुंबई की बीच चलने वाली ट्रेन इंदौर से धामनोद मनमाड़ होते हुए चलने लगेगी। इससे न सिर्फ दूरी कम होगी बल्कि समय भी कम लगेगा।

Posted By: Hemraj Yadav

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close