MPPKVV Company इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन मंगलवार को भी जारी रही। इस बीच शहर में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होती रही। मंगलवार को शहर के कई क्षेत्रों में एक से दो घंटे तक बिजली गुल हुई। राजवाड़ा क्षेत्र में रात करीब दस बजे से एक घंटे तक बिजली गुल रही। दरअसल लाइन स्टाफ कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण फाल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाली करना बिजली कंपनी के लिए मुश्किल हो रहा है। इस बीच बुधवार से कंपनी की काल सेंटर सेवा भी हड़ताल से प्रभावित होने की आशंका है।

बिजली कंपनी सख्ती करते हुए हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई पर उतर आई है। बिजली कंपनी के आउटसोर्स कर्मचारी मानव संसाधन नीति, वेतन में सुधार और नियमितिकरण जैसी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए हैं। प्रदेश स्तरीय हड़ताल में प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों के आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के चलते मंगलवार सुबह खंडवा रोड, भंवरकुआं क्षेत्र में बिजली गुल रही। शाम को विजय नगर और रिंग रोड की कुछ कालोनियों में बिजली आपूर्ति बाधित रही, जबकि एयरपोर्ट क्षेत्र में घंटों तक बिजली गुल रही।

नियामक आयोग ने की सुनवाई

बिजली की दर वृद्धि के मामले में वितरण कंपनियों की याचिका पर मप्र विद्युत नियामक आयोग ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई की। दर वृद्धि व अन्य बदलावों के कंपनियों के प्रस्ताव के खिलाफ इंदौर-उज्जैन से करीब 100 आपत्तियां दायर हुईं हैं। सुनवाई में 10 से ज्यादा उपभोक्ता प्रतिनिधियों ने पक्ष रखा। उद्योगों की ओर से एआइएमपी व बिजली कंपनी के पूर्व अधिकारी आरके सोमानी ने भी सुनवाई में आपत्ति दायर की। सोमानी ने घरेलू बिजली की तीन प्रतिशत दर वृद्धि के प्रस्ताव को मनमाना बताया। कहा कि बिना बिजली लिए भी उत्पादन संयंत्रों को पुराने करार के कारण हजारों करोड़ दिए जा रहे हैं। तीन हजार करोड़ रुपये सिर्फ एनटीपीसी को ही दिए जा रहे हैं। इस बेवजह के खर्च को ही कम किया जाए तो प्रदेश में बिजली दो प्रतिशत सस्ती हो सकती है। 27000 मिलियन यूनिट बिजली बिना उपयोग के बर्बाद हो रही है।

निलंबन के बाद भी जारी रही हड़ताल

सोमवार-मंगलवार को बिजली कंपनी ने 480 आउटसोर्स कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। ये वो कर्मचारी हैं जो हड़ताल में शामिल हैं। कार्रवाई के दायरे में आए कर्मचारियों में रीडर से लेकर लाइनमैन और आफिस स्टाफ भी है। कार्रवाई के बाद भी हड़ताल जारी रही। काल सेंटर 1912 के कर्मचारी भी इसमें शामिल हो गए।

Posted By: Sameer Deshpande

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