इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड के चेयरमैन और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी गुरुवार को इंदौर आए। उन्होंने शहर के उद्योगपतियों के साथ बैठक भी की। चर्चा के दौरान संभागायुक्त पवन शर्मा और कलेक्टर मनीष सिंह भी मौजूद थे। बैठक में इंदौर के उद्योगपतियों ने कहा कि मेसर्स पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट (रामकी) द्वारा लघु श्रेणी उद्योगों से छह हजार रुपये सर्विस चार्ज लिया जाता है। यह काफी अधिक है। इस पर रामकी के अधिकारियों ने इसे तत्काल समाप्त कर दिया।

प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसएन द्विवेदी ने बताया कि उद्योगपतियों ने बताया कि हर दो साल में कंपनी द्वारा हमारे अपशिष्ट की जांच के लिए विश्लेषण शुल्क लिया जाता है। छोटे उद्योगों में तो एक जैसा कचरा निकलता रहता है। इसे भी समाप्त किया जाए। इस पर चेयरमैन ने तत्काल राहत देने के लिए कहा और यह तय हुआ कि अब लघु उद्योगों से केवल प्रथम निपटान के समय ही विश्लेषण शुल्क की राशि ली जाएगी। हालांकि, सभी लघु उद्योगों से अनुबंध में रा मटेरियल प्रोसेस, आपरेटिंग पैरामीटर्स के बदलाव नहीं होने संबंधी प्रमाण पत्र लिया जाएगा। यह राशि 12 हजार रुपये होगी। वहीं जिन उद्योगों में एक करोड़ से कम का प्लांट होगा, उनसे सिक्युरिटी डिपाजिट के रूप में अब 20 हजार के बजाय पांच हजार की राशि ली जाएगी। बड़े उद्योगों में अधिकतम एक माह के बिल की सीमा तक सिक्युरिटी डिपाजिट लिया जाएगा।

वाहन चार्ज भी कम करने की मांग - उद्योगपतियों का यह भी कहना था कि कंपनी द्वारा अपशिष्ट के परिवहन चार्ज के रूप में प्रति टन 4.75 पैसे प्रति किलोमीटर का किराया लिया जाता है। इसे भी कम किया जाए, लेकिन कंपनी ने इसमें राहत नहीं दी। उनका कहना था कि उद्योगपति प्रदूषण बोर्ड द्वारा किसी अन्य अधिकृत संस्था से अपशिष्ट का परिवहन करवाकर हमारे प्लांट तक पहुंचा दें। हम उनका कचरा निपटान कर देंगे।

सिरपुर तालाब व यशवंत सागर में मछली पालन को बढ़ावा देने के निर्देश - गुरुवार को राज्य शासन के पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अनिरुद्ध मुखर्जी ने निगम के अफसरों से भी मुलाकात की। उन्होंने रामसर साइट में शामिल इंदौर के सिरपुर तालाब व यशवंत सागर में मछली पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि अभी यशंवत सागर में मछली पालन किया जा रहा है। सिरपुर तालाब में सिर्फ मछलियों को छोड़ा गया था ताकि तालाब का पारिस्थितिकी परितंत्र मजबूत हो सके। इसके अलावा इन दोनों तालाबों के 50 मीटर के दायरे में किसी तरह का पक्का निर्माण न हो और ऐसी ही गतिविधियां हो जिससे तालाब को फायदा पहुंचे। बैठक में निगम के अपर आयुक्त ऋषव गुप्ता, भव्या मित्तल, इंजीनियर सुनील गुप्ता व मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर शामिल हुए।

Posted By: Hemraj Yadav

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