इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News। पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर पर लगे बड़गोंदा सबरेंज से जब्त अपने समर्थक की जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रॉली छुड़वाने के आरोप को लेकर जांच शुरू हो गई है। भोपाल मुख्यालय से आए जांच अधिकारी बुधवार को जब अवैध निर्माण देखने पहुंचे तो उनका ग्रामीणों ने विरोध किया। चोरल रिसोर्ट पर जांच दल का भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेराव कर दिया। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने जांच दल को रिसोर्ट से रवाना किया।

पर्यटन मंत्री ठाकुर के आपत्ति दर्ज कराने के बाद वनमंत्री विजय शाह ने पीसीसीएफ एनके धाकड़ को जांच का जिम्मा दिया। बुधवार सुबह 10 बजे वे नवरत्नबाग स्थित वनमंडल कार्यालय पहुंचे। यहां से मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सीएच निनामा, वन संरक्षक किरन बिसेन मौके पर पहुंचे। यहां महू एसडीओ राकेश लेहरी और रेंजर बिसेन मौर्य ने जामन्या बीट का दौरा करवाया और खेत व वनभूमि के बीच से आवाजाही के लिए बनाए जा रहे निर्माण को देखा। जांच के दौरान जमीन को लेकर राजस्व और वन विभाग के बीच सीमा विवाद सामने आ गया। पीसीसीएफ धाकड़ सहित वन अफसरों को ग्रामीणों ने घेर लिया और विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि कोई गलत काम नहीं हुआ है। आने-जाने के लिए वन विभाग को सड़क बनाना था, लेकिन उन्होंने नहीं बनाई। मौके पर नक्शे के अलावा जीपीएस रीडिंग ली गई। सूत्रों के मुताबिक मनोज पाटीदार ने भी वनभूमि पर अतिक्रमण कर रखा है, जिसे खेत का हिस्सा बताया जा रहा है।

रिसोर्ट में इकट्ठा हुए 200 भाजपा कार्यकर्ता

जामन्या बीट से लौटने के बाद वन अफसर सीधे चोरल रिसोर्ट पहुंचे। यहां जांच अधिकारी ने एसडीओ लेहरी, रेंजर मौर्य, वनपाल रामस्वरूप दुबे के बयान दर्ज किए। उसके बाद करीब 200 भाजपा कार्यकर्ता यहां पहुंच गए और मंडल अध्यक्ष पर कार्रवाई वापस लेने का दवाब बनाने लगे। पुलिस की मदद से वन अफसरों को रिसोर्ट से बाहर निकाला।

वनमंत्री को देंगे रिपोर्ट

पीसीसीएफ धाकड़ ने मामले में कुछ भी बयान नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक पीसीसीएफ सीधे वनमंत्री को रिपोर्ट सौंपेंगे। बताया जाता है कि वरिष्ठ अधिकारी ने भी घटनाक्रम में मंत्री का नाम घसीटने पर एतराज जताया और वनपाल राम स्वरूप दुबे को भी फटकारा है। मामले में एडवोकेट अभिजीत पांडे ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शिकायत की है, जिसमें निष्पक्ष जांच की मांग की है।

नगर अध्यक्ष-जिलाध्यक्ष भी पहुंचे

बुधवार को नवरत्नबाग स्थित वन विभाग कार्यालय में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच नगर अध्यक्ष गौरण रणदीवे, जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर सहित कई नेता पहुंचे। पूछने पर नगर अध्यक्ष रणदीवे ने बताया कि वे संगठन के एक पदाधिकारी से गेस्ट हाउस में मिलने आए थे।

मंत्रियों को क्या लड़वाओगे क्या?

पर्यटन मंत्री ठाकुर ने घटना को लेकर वनमंत्री से मंगलवार को चर्चा की। इसके बाद वनमंत्री शाह ने फोन पर बातचीत के दौरान इंदौर के वन अफसरों को जमकर डांटा। सूत्रों के मुताबिक वनमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मंत्रियों को आपस में लड़वाओगे क्या? मंत्री के खिलाफ शिकायत थाने पर देने से पहले एक भी जिम्मेदार अधिकारी ने आवेदन पढ़ना जरूरी नहीं समझा।

जांच नहीं हुई पूरी

भोपाल से पीसीसीएफ जांच करने आए थे। घटनास्थल का निरीक्षण कर दस्तावेज देखे हैं। अभी जांच पूरी नहीं हुई है। वैसे भी जांच अधिकारी रिपोर्ट वनमंत्री को देंगे।

- सीएच निनामा, मुख्य वन संरक्षक, इंदौर वृत

Posted By: Sameer Deshpande

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