कपीश दुबे, इंदौर (नईदुनिया)। IPL 2020: भारतीय अंपायर नितिन मेनन कुछ समय पहले तक देश की आंखों का तारा थे क्योंकि आइसीसी के एलीट पैनल में वे भारत से एकमात्र अंपायर बने थे। मगर इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) के 13वें संस्करण के दूसरे ही मैच में उनका एक फैसला विवादों में घिर गया। किंग्स इलेवन पंजाब ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपनी हार के लिए इसी फैसले को दोष दिया। इस मामले में नितिन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए गलती को स्वीकार किया है। नितिन के अनुसार यह मानवीय भूल है।

रविवार को खेले गए मैच के 18.3वें ओवर में मयंक अग्रवाल और क्रिस जॉर्डन दो रन दौड़े, लेकिन अंपायर नितिन ने शॉर्ट रन करार देते हुए एक रन काट लिया। हालांकि टीवी रिप्ले में दिखा की जॉर्डन का बल्ला पूरी तरह से क्रीज के पार था। यह मैच 20वें ओवर में बराबरी पर यानी टाई पर खत्म हुआ और फिर मैच का फैसला सुपर ओवर से हुआ, जिसमें दिल्ली ने बाजी मार ली। दुबई से हुई चर्चा में नितिन अपनी गलती के लिए कोई बहाना बनाते नजर नहीं आए। उन्होंने कहा-गलतियां सभी से होती हैं। खिलाड़ियों की तरह अंपायर भी इंसान हैं। हालांकि यह सिर्फ एक गेंद की बात है, मैच में 240 गेंद होती हैं। अंपायर अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ देते हैं।

अब तक बेदाग करियर

इस घटना से पहले तक नितिन की ख्याति बेदाग अंपायर की रही है। यही कारण है कि इस समय आइसीसी के शीर्ष एलीट पैनल में वे भारत से एकमात्र अंपायर हैं। 36 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे विश्व के सबसे युवा अंपायर भी हैं। पिछले साल भी आइपीएल फाइनल में मुंबई इंडियंस के लसिथ मलिंगा ने चेन्नई सुपर किंग्स के शार्दुल ठाकुर को मैच की आखिरी गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट किया था। यह नजदीकी फैसला नितिन ने ही सटीकता से दिया था, जिसके बाद मुंबई चैंपियन बनी थी।

सिर्फ मैच के लिए मैदान पर जा सकते हैं अंपायर

नितिन ने बताया कि कोरोना के कारण बहुत पाबंदियां हैं। खिलाड़ी अभ्यास के लिए मैदान पर जा सकते हैं। इससे उनका मनोरंजन हो जाता है। मगर अंपायर सिर्फ मैच के लिए ही होटल से निकलकर मैदान पर जा सकते हैं। हम एक बार मैदान की जांच के लिए स्टेडियम गए थे। इस साल आइपीएल में अभ्यास के दौरान अंपायरों को जाने की अनुमति नहीं है। हालांकि हम जिम और स्वीमिंग पूल पर जा सकते हैं।

गर्मी भी एक चुनौती

नितिन ने कहा- भारत में बारिश का मौसम है, लेकिन यहां गर्मी ने स्वागत किया। मैच के दौरान भी फ्लड लाइट के कारण उमस बढ़ जाती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसी परिस्थितियों से सामंजस्य बैठाना पड़ता है।

क्वारंटाइन का वक्त सबसे मुश्किल

नितिन ने कहा- शुरूआती छह दिन क्वारंटाइन में बिताए, जो सबसे मुश्किल थे। अकेले कमरे में रहे। अब हम होटल में घूम सकते हैं, लेकिन बाहर जाने की मनाही है। जिस दिन मैच न हो, उस दिन वक्त बिताना कठिन होता है।

Posted By: Prashant Pandey

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