Karwa Chauth Market: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी की निराशा के बाद अब सोने की चमक ने बाजार में आशा की किरण जगाई है। यह करवा चौथ सोने के शौकीनों और उसमें निवेश करने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए बेहतर अवसर लेकर आया है। करवा चौथ बाजार इस पर्व पर इंदौर में सोने का कारोबार 30 करोड़ रुपये से अधिक का होने की उम्मीद है। यदि ऐसा हुआ तो यह कारोबार गत वर्ष के करवा चौथ की तुलना में दोगुना होगा। स्वर्ण व्यापरियों का मानना है कि इस बार सोने में रुझान ज्यादा होने के कई कारण हैं। इनमें से महामारी के दौर में रिश्तों में आई प्रगाढ़ता, गत वर्ष की तुलना में इस बार सोने के दाम में आई कमी और हालमार्क की विश्वसनीयता प्रमुख है। ज्वेलरी शोरूमों में बढ़ रही है बुकिंग शहर में इस बार सोने की खरीदारी को लेकर खासा रुझान है।

यूं तो सोने-चांदी की खरीदारी सबसे ज्यादा पुष्य नक्षत्र और धनतेरस पर होती है लेकिन इस बार पुष्य नक्षत्र के पहले ही सोने की रिकार्ड खरीदारी की संभावना जताई जा रही है। करवा चौथ पर सोने के आभूषण से गृहलक्ष्मी को खुश करने की तैयारियां हो रही हैं। इसके लिए कई ज्वेलरी शोरूमों में बुकिंग हो चुकी हैं। कुछ जगह पर्व को लेकर रुझान साफ नजर आ रहा है।

करवा चौथ बाजार : बुकिंग बढ़ने से सराफा कारोबारी उत्साहित

इस पर्व पर सोने के आभूषणों की खरीदारी की बुकिंग बड़ी संख्या में हो रही है। गत वर्ष की तुलना में इस बार यह खरीदारी दोगुनी होने की संभावना है। महामारी के इस दौर में निवेश को लेकर जो रुझान बढ़ा है, उसमें सोना प्राथमिकता पर है। अभी तक करवा चौथ के लिए हुई बुकिंग और मांग के आधार पर कहा जा सकता है कि 75 प्रतिशत लोग सोने के और 25 प्रतिशत लोग हीरे के आभूषण ले रहे हैं। - गौरव आनंद, निदेशक, आनंद ज्वेल्स

महामारी के दौर में परिवारों में और भी निकटता आई। इसका असर खरीदारी में नजर आ रहा है। करवा चौथ पर पत्नी को सम्मान और खुशी देने के लिए सोने के आभूषण खरीदे जा रहे हैं। इसके लिए लोग 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक भी खर्च करने से गुरेज नहीं कर रहे। अधिकांश खरीदारी छोटे और मध्यम आकार के आभूषणों की हो रही है। इसमें अंगूठी, चेन, मंगलसूत्र, झुमके शामिल हैं। - सुमित आनंद, निदेशक, पंजाबी सराफ

गत वर्ष की तुलना में इस बार शहर में करवा चौथ पर सोने के आभूषणों का कारोबार 30 करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। गत वर्ष करवा चौथ पर सोने का भाव करीब 52 हजार रुपये था, जो अभी करीब 49 हजार रुपये है। दाम में आई गिरावट भी रुझान की वजह हो सकती है। इसके अलावा अब जब हालमार्क ज्वेलरी अनिवार्य हो गई है तो विश्वसनीयता और भी बढ़ गई है। -अविनाश शास्त्री, सचिव, चांदी सोना जवाहरात व्यापारी एसो.

Posted By: Prashant Pandey

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