नई दिल्ली, इंदौर। Kashi Mahakal Express रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) ने कहा कि काशी-महाकाल एक्सप्रेस में उद्घाटन के दौरान भगवान शिव के लिए एक सीट आरक्षित की गई थी। इसका उद्देश्य नए प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उनका आशीर्वाद पाना था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया था

रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया था। उद्घाटन के दिन ट्रेन के कर्मचारियों ने पूजा करने के लिए ऊपर वाली बर्थ पर अस्थायी रूप से महाकाल की तस्वीर रख दी थी।

असदुद्दीन ओवैसी ने उठाया था सवाल

बर्थ पर अस्थायी रूप से महाकाल की तस्वीर रखने पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया था। इसके बाद यह मामला गहराया था।प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए उन्होंने संविधान के आमुख की तस्वीर के साथ ट्वीट किया था।

काशी-महाकाल एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने बर्थ पर ल्रगाई थी तस्‍वीर

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार काशी-महाकाल एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने अस्थायी रूप से श्री महाकाल की तस्वीर सबसे ऊपर वाली बर्थ पर लगा दी थी।

यह था कर्मचारियों का उद्देश्‍य

बताया जाता है कि एक्‍सप्रेस के कर्मचारियों का उद्देश्य नई परियोजना की सफलता के लिए महाकाल का आशीर्वाद लेना था। यह केवल उद्घाटन के लिए किया गया था।

ट्रेन का उद्घाटन संचालन यात्रियों के लिए नहीं था

जानकारी के अनुसार यह एक ही बार के लिए किया गया। ट्रेन का उद्घाटन संचालन यात्रियों के लिए नहीं था। 20 फरवरी को जब व्यावसायिक संचालन शुरू होगा तब ऐसा कोई आरक्षण नहीं होगा।

Posted By: Hemant Upadhyay