Indore Ujjwal Shukla Column: उज्जवल शुक्ला, इंदौर, नईदुनिया। कहावत है कि चाय से ज्यादा केतली गरम हो जाती है। यह कहावत इन दिनों इंदौर में बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के चेलों पर फिट बैठ रही है। पंडित शास्त्री इन दिनों इंदौर में रामकथा के साथ ही दरबार भी लगा रहे हैं। कहा जाता है कि शास्त्री जी मन की बात पढ़कर तुरंत परेशानी का हल बता देते हैं। ऐसे में हर आदमी उनसे परेशानी का हल जानना चाहता है। लोगों के इस उत्साह का फायदा केतलियां यानी शास्त्रीजी के चेले उठा रहे हैं। लोग चेलों को फोन लगा रहे हैं तो वे सरकार से मिलने का समय सभी को दे रहे हैं, पर मुलाकात गिनती के रसूखदार और ऊंची पहुंच वाले लोगों की ही करा रहे हैं। लोग मिलने की आस में पहुंचते हैं तो चेले पहले तो फोन उठाते नहीं और यदि उठा लिया तो बहाने बनाने लगते हैं।

जरूरत पर काम नहीं आए बड़े चेहरे

इंदौर के हैप्पी वांडरर्स मैदान पर जब प्रशासन की विकास योजना का 'अतिक्रमण’ होने की नौबत आई, तो क्लब का पुराना इतिहास आड़े आ गया। इस क्लब से 17 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और न जाने कितने विक्रम व एकलव्य अवार्डी निकले हैं। इस क्लब का खेलों में, खासकर महिला सशक्तीकरण में योगदान इंदौर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सबसे बड़ा है। यहां से सबसे ज्यादा महिला क्रिकेटर निकली हैं, मगर मैदान को प्रशासन की कार्रवाई से बचाने में क्लब के ये होनहार चेहरे नजर नहीं आए। मैदान बचाने के लिए पदाधिकारी ही जूझते रहे। वे कभी बैठक करते रहे तो कभी निगम के चक्कर काटते रहे, लेकिन खिलाड़ी साथ नहीं आए। ऐसे में चर्चा चल पड़ी कि मप्र क्रिकेट संगठन की बैठक में 'महाराज" को चेहरा दिखाने तो सब उपस्थित हो जाते हैं, लेकिन यहां गायब रहे। खैर, इनके बिना भी मैदान बच गया और अब सब हैप्पी हैं।

अलावा के अलावा कौन जानता है कि क्या करेंगे अलावा?

प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। चुनावी माहौल में इंटरनेट मीडिया पर भी रोचक जंग देखने को मिल रही है। ऐसी ही जंग किसी समय करीबी दोस्त रहे धार जिले के मनावर से विधायक डा. हीरालाल अलावा और व्हिसल ब्लोअर डा. आनंद राय के बीच देखने को मिल रही है। जंग की शुरुआत अलावा की एक पोस्ट को माना जा रहा है। अलावा ने राय पर आरोप लगाया कि वे आदिवासियों को भड़का रहे हैं। जवाब में राय ने उन पर भाजपा से नजदीकी का आरोप लगा दिया। इन दोनों की जंग पर भाजपा भी चुटकी ले रही है। पिछले दिनों अलावा के शादी समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए थे। तभी से चर्चा है कि विधानसभा चुनाव के पूर्व अलावा भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अलावा क्या करेंगे, यह उनके अलावा और कोई नहीं जानता।

महापौर के लिए भी चौंका सकती है भाजपा

पंचायत चुनाव की घोषणा हो चुकी है, जल्द ही नगर निगम चुनाव की घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में राजनीतिक दलों ने चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू कर दिया है। भाजपा में महापौर उम्मीदवार को लेकर कई नामों की चर्चा है। माना जा रहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी एक बार फिर चौंका सकती है। भाजपा पहले भी महापौर

के लिए दिग्गज नामों को दरकिनार कर चयन समिति में शामिल कृष्णमुरारी मोघे को उम्मीदवार बनाकर चौंका चुकी है। पिछले लोकसभा चुनाव के लिए शंकर लालवानी का नाम भी चौंकाने वाला ही था। उनका नाम किसी भी पैनल या चर्चा में शामिल नहीं था। इस बार भी कहा जा रहा है कि चर्चा में चल रहे रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, गोविंद मालू, मालिनी गौड़, उमेश शर्मा जैसे नामों के बजाय भाजपा किसी नए चेहरे पर दांव लगाकर चौंका सकती है।

Posted By: Sameer Deshpande

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