इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रत्येक वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन विद्या एवं ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना की जाती है। इस वर्ष पांच फरवरी शनिवार को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद एमके जैन कहते है कि इस अवसर पर वासंती रंग का विशेष महत्व है। मां को पीला सात्विक रंग प्रिय होता है। शरद ऋतु में पीली सरसों भी लहरा रही होती और प्रकृति भी पीले रंग का समर्थन करती है। चारों और पीले रंग का सुहावना वातावरण दिखाई देता है। पीला रंग समृद्धि का प्रतीक होकर नकारात्मकता को दूर करता है, इसलिए प्रतीक स्वरूप मां सरस्वती को पीली वस्तुऐं अर्पित करने का विधान है। चंदन, हल्दी, पीले, पुष्प मां को अर्पित किए जाते हैं मां को ज्ञान सामग्री एवं कला से संबंधित वस्तुएं रखकर आशीर्वाद की कामना की जाती है। बसंत पंचमी पर मांगलिक कार्य जैसे विवाह मुंडन, नवीन विद्या आरंभ, नवीन कार्य आरंभ, ग्रह प्रवेश आदि कार्य शुभ एवं सफलता के सूचक हैं।

न करें पेड़ेों की कटाई, अपशब्द न कहे

बसंत पंचमी पर पेड़ पौधों की कटाई छटाई नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही किसी को अपशब्द नहीं बोले। मांस मदिरा का त्याग , काले या लाल वस्त्र धारण नहीं करें। इस दिन पीले वस्त्र पहनना चाहिए।

वाणी दोष दूर करने के लिए करे मंत्र जाप

जिन बच्चों को वाणी दोष और पढ़ने में कमजोर हैं। उन्हें इस दिन ज्ञान और वाणी की देवी मां सरस्वती देवी की आराधना के बाद मंत्र जाप अवश्य करना चाहिए । माता की वीणा की मधुर धुन के कारण ही जगत के जीव जंतु को वाणी प्राप्त हुई है क्योंकि मां, वीणा, पुस्तक, माला लिए हुए वरद हस्त मुद्रा में श्वेत कमल पर विराजमान है ।

मकर राशि मे सूर्य और बुध के होने से बन रहा बुधादित्य योग

मकर राशि में सूर्य और बुध ग्रह विराजमान रहेंगे। अतः बसंत पंचमी पर बुधादित्य योग बन रहा है। इसके साथ ही सभी ग्रह 4 राशियों में रहेंगे। इस वर्ष बसंत पंचमी अत्यंत शुभ है। सभी लोगों को लाभ लेने का अनुपम अवसर मिल रहा है । अतः विधि विधान से आराधना करके अपनी मनोकामना के लिए मा की आराधना करें।

Posted By: Sameer Deshpande

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