उदय प्रताप सिंह, इंदौर, Corona Virus Indore।

इंदौर के एक युवक ने कोविड के लक्षण दिखने पर उसने शनिवार को एक निजी लैब में कोविड की जांच करवाई। शनिवार रात को आइसीएमआर की ओर से मरीज के मोबाइल पर मैसेज आ गया कि वो निगेटिव लेकिन सुबह जिस लैब से उसने जांच करवाई थी, उसने मरीज को पॉजिटिव आने की रिपोर्ट दी। ऐसे में मरीज परेशान हो गया कि एक रात में उसकी रिपोर्ट निगेटिव से पॉजिटिव कैसे हो गई। जब इस मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि मरीज ने शनिवार को सैंट्रल लैब में कोविड की जांच करवाई थी। वहां से मरीज को रिपोर्ट सुबह दी जाना थी। कोविड जांच करवाने वाले प्रत्येक मरीज की रिपोर्ट एसआरएफआइडी आइसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड की जाती है।

सोडानी डायग्नोस्टिक के डाटा एंट्री ऑपरेटर ने सेंट्रल लैब के मरीज की आइडी नंबर की गफलत में आइसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इस वजह से शनिवार को मरीज के मोबाइल पर रिपोर्ट के निगेटिव होने का मैसेज आया। रातभर मरीज यही सोचता रहा कि वह निगेटिव है और अब डरने की कोई बात नहीं हैं। मरीज इंदौर में अकेला रहता है। इस वजह से उसके कारण किसी अन्य को संक्रमण नहीं फैला। सोमवार का सेंट्रल लैब द्वारा मरीज को पॉजिटिव आने की रिपोर्ट थमा दी गई। मरीज सकते में आ गया कि जब मैसेज निगेटिव का है तो रिपोर्ट पॉजिटिव कैसे आई। इसके बाद मरीज से रविवार को सोडानी डायग्नोस्टिक में जाकर भी जांच करवाई। वहां पर भी मरीज की दूसरी कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई।

गलती से दूसरी लैब की आइडी को हमने अपलोड कर दिया

गलती से दूसरी लैब की एसआरएफआइडी को हमने आइसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड कर दिया था। जिस वजह से मरीज की हमारी लैब में जांच न होने के बावजूद आइसीएमआर के द्वारा उसे निगेटिव रिपोर्ट का मैसेज मिला। इस त्रुटि के बारे में हमने सीएमएचओ ऑफिस को सूचित कर दिया है और आइसीएमआर को भी मेल किया है ताकि उस मरीज की रिपोर्ट सही की जा सके। इस मरीज ने रविवार को हमारी लैब में जांच करवाई। इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव ही आई है।

-अनुराग सोडानी, सीईओ सोडानी डायग्नोस्टिक

किसी ओर लैब ने मरीज की आइडी से रिपोर्ट आइसीएमआर के पोर्टल पर अपलोड की

मरीज ने हमारी लैब में कोविड की आरटीपीसीआर जांच करवाई थी। मरीज को हमने रिपोर्ट रविवार सुबह दी। रिपोर्ट पॉजिटिव की थी। उसके द्वारा हमें बताया कि मैसेज निगेटिव का मिला है। हमने पड़ताल की तो पता चला कि हमारे माध्यम आइसीएमआर के पोर्टल पर उसकी जानकारी अपलोड ही नहीं और अन्य किसी लैब ने उस मरीज की आइडी से निगेटिव रिपोर्ट डाल दी।

- डॉ. विनिता कोठारी, संचालक सेंट्रल लैब

इस तरह की गड़बड़ी की जानकारी मेरे संज्ञान में है

एसआरएफआइडी रेंडमली होती हैं। सोडानी डायग्नोस्टिक के ऑपरेटर के द्वारा गलती से दूसरी लैब के मरीज की आइडी अपलोड की गई। यह केस मेरी जानकारी में भी आया है। हम अपने डाटा मैनेजर के माध्यम से आइसीएमआर से रिक्वेस्ट करेंगे कि वो उस मरीज की रिपोर्ट में सुधार करे।

- डॉ. अमित मालाकार, कोविड नोडल ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग

Posted By: sameer.deshpande@naidunia.com

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