इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के चिड़ियाघर से गुरुवार को भागा 10 माह की मादा तेंदुआ आखिरकार मंगलवार की सुबह नवरतन बाग क्षेत्र से पकड़ ली गई। यह मादा तेंदुआ नवरतनबाग स्थित वन विभाग परिसर से महज 100 मीटर की दूरी पर ही पुराने भवन के समीप खाली भूखंड में बैठी थी। जहां से इसे दुबारा रेस्क्यु करके चिड़ियाघर लाया गया। गुरुवार से जिस लापता तेंदुआ की तलाश जारी थी आखिरकार वह मंगलवार को पूरी हुई। इस 10 माह की मादा तेंदुआ को बगैर बेहोश किए ही पकड़ा गया और उसे चिड़ियाघर लाकर पिंजरे में बंद कर दिया गया। इसके साथ ही उसका उपचार भी शुरू हो गया।

मंगलवार सुबह जब नवरतनबाग क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति पेड़ से बादाम तोड़ने के लिए इस भूखंड पर आया तो उस पर तेंदुआ ने हमला किया, जिससे घबराकर वह वहां से चला गया। तेंदुआ को देख वहां श्वानों ने भौंकना शुरू कर दिया तब वन विभाग के कर्मचारी रामप्रसाद ने देखा कि झाड़ियों में तेंदुआ बैठा है। इस पर उसने वन विभाग के अमले को सूचित किया। चिडि़याघर में तेंदुए की तलाश कर रहा वन विभाग और चिडि़याघर का अमला तुरंत मौके पर पहुंचा और रेस्क्यु आपरेशन शुरू कर दिया। बताया जाता है कि यह तेंदुआ चिड़ियाघर से भागकर पहले नवरतनबाग स्थित वन विभाग परिसर में आया और वहां से दीवार कूदकर उस भूखंड में गया।

पांच दिनों से लापता इस तेंदुए ने किसी पर हमला नहीं किया। पांच दिनों से भूखा होने के कारण तेंदुआ कमजोर हो गया था उसे पकड़ने में बहुत ज्यादा परेशानी भी नहीं आई। करीब एक घंटे में ही उसे रेस्क्यु कर लिया गया। पर रेस्क्यु करने के लिए अमले के पास न तो पिंजरा था और ना ही विशेष वाहन। तेंदुए को बेहोश किए बगैर ही पकड़ा गया लेकिन बाद में जरूर उसे बेहोश करना पड़ा, ताकि उसका सही उपचार किया जा सके। नवरतन बाग से चिड़ियाघर तक तेंदुए को लाने के लिए रालामंडल के बुलेरो वाहन का इस्तेमाल किया गया। मौके पर इंदौर वन विभाग और चिड़ियाघर का अमला तो था ही साथ ही बुरहानपुर वन विभाग का अमला और अधिकारी तथा निगमायुक्त प्रतिभा पाल भी मौजूद थीं।

चिड़ियाघर में हुआ उपचार शुरू

चिड़ियाघर प्रभारी डा. उत्तम यादव के अनुसार पिछले पांच दिनों से भूखा-प्यासा होने के कारण तेंदुए की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ा है। वह डिहाइड्रेशन का शिकार भी हुआ है। ऐसे में वह बहुत कमजोर हो गया। यही नहीं कूदने के कारण उसके पिछले पैरों का मूवमेंट खत्म हो गया है और पूंछ भी कार्य नहीं कर रही। ऐसे में फिलहाल उसका उपचार किया जाएगा। तेंदुए को यहां पिंजरे में रखकर उसका उपचार भी शुरू कर दिया गया है। जब तक यह समान्य स्थिति में नहीं आती तब तक इसे चिड़ियाघर में ही रखा जाएगा। नगर निगम प्रभारी भव्य मित्तल ने दर्शकों के लिए चिड़ियाघर खोलने का भी निर्देश दे दिया है।

लापरवाही की बनेगी रिपोर्ट

बुरहानपुर डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने कहा कि बुरहानपुर से इंदौर लाए गए इस तेंदुए के रखरखाव में लापरवाही बरती गई है। इसके लिए रिपोर्ट बनाकर जांच की जाएगी और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही भी की जाएगी।

बुरहापुर से रेस्क्यु कर लाया गया था इंदौर

गौरतलब है कि यह 10 माह की यह माता तेंदुआ बुरहानपुर से रेस्क्यु करके 1 दिसंबर को इंदौर के चिड़ियाघर लाई गई थी। इसके पैर में चोट लगी होने के कारण इसे उपचार के लिए चिड़ियाघर लाया गया था। वन विभाग का अमला बुधवार को चिड़ियाघर में गाड़ी खड़ी करके चला गया। गुरुवार को जब चिड़ियाघर के कर्मचारी उस पिंजरे के पास पहुंचे तो तेंदुआ उसमें से नदारद था।

इसके बाद से ही चिड़ियाघर और आसपास के क्षेत्र में उसकी तलाश शुरू हो गई थी। उसे तलाशने के लिए हाका भी लगाया गया जिसमें ढ़ोल बजाकर उसकी तलाश की गई थी लेकिन परिणाम शून्य ही रहा था। मंगलवार की सुबह यह तेंदुआ नवरतनबाग क्षेत्र स्थित वन विभाग परिसर से 100 मीटर दूर पाया गया।

Posted By: Sameer Deshpande

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