LockDown in Indore : अभिषेक चेंडके, इंदौर। कोरोना के कारण शहर थम गया है। घरों में कैद लोग अलग-अलग तरह की परेशानी झेल रहे हैं। रात में स्वादिष्ट व्यंजनों से गुलजार रहने वाले सराफा के ओटलों पर धूल जम गई है तो नए नवेले 56 दुकान बाजार में मसालों की खुशबू गायब है। दूर-दूर तक कोई इंसान नजर नहीं आ रहा है। कुछ ही जगहों पर हलचल दिखती है। संक्रमित हो चुके इलाकों में पुलिस सीसीटीवी कैमरों से सूनी गलियों पर नजर रख रही है तो थानों से धर्मार्थ के काम होने लगे है। रात में शहर का हाल कुछ ऐसा ही है।

लड़कियों को पुुलिस जवान ने दिए पैकेट

स्थान : विजय नगर थाना

समय : रात 10 बजे

विजय नगर थाना परिसर में संभ्रांत परिवारों की दो लड़कियां आती हैं। पुलिस जवान से कहती हैं अंकल हमारे घर में रसोई गैस खत्म हो गई है। हम बहुत भूखे हैं, खाना भी चाहिए। आप हमारी कुछ मदद कर सकते हैं क्या? पुलिस जवान ने कहा कि क्षेत्र में गैस एजेंसियां हैं। सुबह आपकी टंकी की समस्या हल हो जाएगी। अभी आप हमसे खाने के पैकेट ले जाओ। इतना कहकर जवान थाना प्रभारी के केबिन में गया और खाने के दो पैकेट लाया जिन्हें देख लड़कियां खुश हो गईं। उन्होंने 'थैंक्स' कहा और पैकेट लेकर घर की तरफ लौट गईं।

रात तक आते हैं इलाकों से सैंपल

स्थान : एमटीएच कंपाउंड

समय : रात 10.15 बजे

इस समय शहर का सबसे व्यस्त दफ्तर सीएमएचओ कार्यालय है। बाहर गाड़ियां खड़ी थीं और भीतर हलचल थी। 'वो फाइल कहां रखी है?' 'उस बस्ती के सैंपल आ गए क्या?' इस तरह के सवालों के बीच संक्रमित इलाकों से टीमें रात को भी सैंपल ला रही थीं। सुबह किस टीम को कहां भेजना है और क्या-क्या तैयारियां करनी है, इसके लिए रात को अफसरों की बैठक हो रही थी। स्टाफ के कई कर्मचारियों ने घर जाना छोड़ दिया। वे आसपास की होटलों में ही रुके हैं। रात के समय नाइट सूट में ही आकर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। अफसरों के वाहनों के ड्राइवर बाहर मास्क पहने गाड़ियों में बैठे-बैठे ही सुस्ता रहे थे।

सीसीटीवी कैमरों से गलियों पर नजर

स्थान : कंटेनमेंट एरिया झंडा चौक

समय-रात-9.30 बजे

पूरा इलाका सूना है। सिर्फ पुलिस जवानों की सीटियां और लाउड स्पीकर पर आवाज गूंज रही था- 'यह गली में कौन खड़ा है?' 'चलिए भीतर जाइए... आपका घर से बाहर निकलना आपके लिए ही जानलेवा साबित हो सकता है।' झंडा चौक की पुलिस चौकी क्षेत्र के कंट्रोल रूम की भूमिका निभा रही है। भीतर बैठा पुलिस जवान स्क्रीन पर निगाह जमाए बैठा था और हाथ में माइक था। सीसीटीवी कैमरों के जरिये जिस गली में कोई हलचल दिखती है, वह माइक पर चेतावनी देना शुरू कर देता है। रात में पुलिस ने ही एक दवा दुकान खुलवाई ताकि अन्य बीमारी के लिए लोग दवा खरीद सकें।

चलो, दूर बैठो हमसे...

समय : रात 9 बजे

स्थान : जिंसी

जिंसी का शुक्ला सदन रोज की तरह गुलजार था। तख्त पर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पं. कृपाशंकर शुक्ला बैठे हुए थे। पुराने किस्सों की पोटली खुली हुई थी। पंडितजी कर्फ्यू के पुराने किस्से सुना रहे थे। इसी बीच एक युवक आया और पंडितजी को धोक देने आगे बढ़ा। शुक्ला ने अपनी बात बीच में ही रोककर युवक से कहा- 'समझो यार, इस माहौल में तो पैर मत पड़ो। चलो जरा दूर बैठना हमसे।' युवक भी उनका मान कर सदन की सीढ़ी पर बैठ गया। इस बीच भीतर से छोटे डिस्पोजल कप में चाय आई। चाय की चुस्कियों के बीच पंडितजी के किस्से जारी रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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