इंदौर। लोकतंत्र में एक ओर जहां लोग शहर में होने के बावजूद अपने मतदान केंद्र पर जाकर वोट डालने की जिम्मेदारी से बचते हैं। वहीं ऐसे भी इंदौरी हैं जो विदेश या दूसरे शहरों में रह रहे हैं, लेकिन वो खासतौर पर वोट डालने के लिए इंदौर आए हैं। साधु वासवानी नगर में रहने वाली स्वाति चेलानी पिछले एक साल से यूएसए में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री के लिए गई हैं। स्वाति खासतौर पर चुनाव में वोट डालने हाल ही में इंदौर आई हैं। उनका कहना है कि वोट डालना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है, इसलिए वह चाहती थी कि उनके वोट का देशहित में इस्तेमाल हो, इस वजह वो शुक्रवार को इंदौर आई और वोट डालने के दो दिन बाद यूएसए लौट जाएंगी।

बनारस से वोट डालने के लिए इंदौर आई प्रणोती

विजय नगर में रहने वाली एचआर मैनेजर प्रणोती दुबे पिछले दो साल से बनारस में रह रही हैं। प्रणोती वोट डालने के लिए खासतौर पर इंदौर आई हैं और वोट डालकर उसी दिन बनारस लौट जाएंगी। प्रणौती का कहना है हर चीज से आगे देश है और अगर यदि एक वोट से कोई बदलाव आता है तो हमें वोट जरूर करना चाहिए। यही वजह है कि वो वोट डालने इंदौर आई। विधानसभा चुनाव के दौरान भी वो वोट डालने इंदौर आना चाह रही थी, लेकिन उन्हें कंपनी से छुट्टी नहीं मिली। इससे इस बार उन्होंने एक महीने पहले से कंपनी में छुट्टी के लिए आवेदन दिया था ताकि उन्हें वोट देने का मौका मिले।

फ्लोरिडा से अपना पहला वोट डालने के लिए इंदौर आए राहुल

एयरपोर्ट रोड के शिक्षक नगर में रहने वाले राहुल मित्तल अपना पहला वोट डालने के लिए खासतौर फ्लोरिडा, यूएसए से इंदौर आए हैं। राहुल वहां पर कम्प्यूटर साइंस में बीटेक कर रहे हैं। राहुल का कहना है कि मुझे बचपन से इच्छा थी कि मैं देश के लिए कुछ करूं और अपना वोट डालूं। इस वजह से दो साल पहले इंदौर से पढ़ाई के लिए यूएसए जाने के पहले ही मैंने अपना वोटर आईडी कार्ड बनवाया था। अब मुझे खुशी है कि मैं पहली बार वोट डालूंगा। विधानसभा चुनाव के दौरान भी आना चाहता था, लेकिन उस समय परीक्षाएं चल रही थी इससे मैं नहीं आ पाया।

अहमदाबाद से वोट डालने के लिए परिवार के साथ आए सचदेवा दंपती

श्रीनगर मेन में रहने वाले शिव सचदेवा का दो साल पहले इंदौर से अहमदाबाद अपनी कंपनी में ट्रांसफर हो गया है। शिव सचदेवा इस बार खास तौर पर अहमदाबाद से वोट डालने के लिए इंदौर अपने पूरे परिवार के साथ आए। मतदान के तीन दिन पहले उनके छोटे बेटे का जन्मदिन था। ऐसे में उन्होंने अहमदाबाद के बजाए इंदौर में बच्चे का जन्मदिन मनाना तय किया। शिव सचदेवा का कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति के वोट का महत्व है। ऐसे में हर व्यक्ति को मतदान करना चाहिए। उनकी पत्नी अलका सचदेवा कहती हैं कि मैं हर बार चुनाव में वोट डालती हूं, इस बार भी पति को राजी किया कि वोट डालने के लिए इंदौर जरूर चलेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network