इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि । मानसिक तनाव दूर करने का सर्वश्रेष्ठ उपाय गीता का अध्ययन, मनन और चिंतन है। जिसने गीता को ठीक से समझ लिया और आत्मसात कर लिया तनाव उससे कोसों दूर रहेगा । वस्तुतः भगवान श्रीकृष्ण दुनिया के पहले मनोचिकित्सक थे जिन्होंने महाभारत युद्ध के पहले अर्जुन को विषय विषाद अर्थात मानसिक तनाव को गीता के उपदेश के माध्यम से दूर कर उसे कर्त्तव्य बोध कराया। गीता के अध्याय दो से 18 तक प्रत्येक श्लोक में मन के उपचार के ही श्लोक है।

यह बात जगतगुरु शंकराचार्य के शिष्य वेदमूर्ति धनंजय शास्त्री वैद्य ने राजेन्द्र नगर स्थित राम मंदिर में कही। वे मानसिक तनाव से मुक्ति का मार्ग भक्ति और आध्यात्म विषय पर संबोधित कर रहे थे। महाराष्ट्र समाज, तरुण मंच और आध्यात्मिक साधना मंडळ राजेन्द्र नगर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वैद्य को सुनने बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रों में उल्लेखित 14 विद्या और 64 कलाओं में से किसी एक के अध्ययन में भी मन एकाग्र किया जाए तो मानसिक तनाव कभी नहीं होता है।

मानसिक तनाव का मूल तनाव का कारण ना जानना, उसके पीछे की परिस्थिति और कर्त्तव्य बोध का ना होना होता है। मन के सुख और दुख सहने की मर्यादा होती है, सुख या दुख से जब यह मर्यादा उलांघी जाती है तो मानसिक तनाव उत्पन्न होता है। जैसे मन अदृश्य है ठीक उसी तरह उसे स्वस्थ रखने की दवा भी अदृश्य है और वह दवा है भक्ति और आध्यात्म।

आपने कहा कि कर्त्तव्य बोध होना और अपने कर्त्तव्य को एकनिष्ठ हो कर निभाना भी भक्ति का एक प्रकार है, माता पिता और गुरु की सेवा करना और उनसे सतत मार्गदर्शन प्राप्त करना भी भक्ति है। माता पिता और गुरु की सेवा करने वाले से भी मानसिक तनाव सदैव दूर रहता है। मानसिक तनाव को दूर करने की ना कोई वैक्सीन बनी ना दवा है। इससे स्थायी मुक्ति का उपाय सिर्फ ईश्वर की भक्ति और स्मरण है।

शांत और निर्भय हो कर परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति ईश्वर भक्ति से ही प्राप्त होती है। इस अवसर पर दीवाली पर आयोजित शहर की सबसे बड़ी रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरण भी अतिथियों द्वारा किया गया।

Posted By: Sameer Deshpande

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