इंदौर। हनीट्रैप मामले को लेकर हाई कोर्ट में तीन जनहित याचिकाओं में सोमवार को सुनवाई हुई। चार दिन पहले इस मामले की एक आरोपित ने कोर्ट में आवेदन देकर गुहार लगाई थी कि मामले से जुड़े ऑडियो-वीडियो के वायरल होने पर रोक लगाई जाए। इस पर कोर्ट ने शासन से पूछा था कि जब एसआईटी ने ऑडियो-वीडियो जांच के लिए हैदराबाद लैब भेजे हैं तो ये लीक कैसे हो रहे हैं? उधर एक अन्य याचिका में याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि इससे जुड़ी हार्ड डिस्क जैसे ही मिली, कोर्ट में पेश कर दी, इसमें 16 से 18 घंटे की रिकॉर्डिंग मौजूद हेै।

शासन की तरफ से सोमवार को महाधिवक्ता शशांक शेखर ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सांध्य दैनिक संझा लोकस्वामी में हनीट्रैप को लेकर लगातार समाचार प्रकाशित हो रहे थे। आशंका थी कि वहीं से वीडियो-ऑडियो लीक हो रहे हैं। हनीट्रैप मामले में फरियादी हरभजन सिंह ने भी उक्त अखबार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी।

इसी आधार पर समाचार पत्र के दफ्तर पर कार्रवाई की गई और उसके कर्ताधर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। इसी समूह के एक होटल में अवैध गतिविधियां संचालित होने की जानकारी भी मिली थी। वहां भी कार्रवाई की गई। वहां से 67 महिलाएं बरामद हुई हैं। इसके अलावा बच्चे भी मिले। इन सभी को छोटे-छोटे बंकरों में रखा जा रहा था। बच्चों को स्कूल तक नहीं जाने दिया जाता था। इन महिलाओं को अनैतिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जाता था।

एसआईटी ने पेश किए दस्तावेज और स्टेटस रिपोर्ट

पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने एसआईटी से अनिवार्य रूप से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा था। सोमवार को मामले के जांच अधिकारी और एसपी पश्चिम अवधेश गोस्वामी ने बंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी। इसके अलावा एसआईटी प्रमुख को बार-बार बदलने के संबंध में दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।

फरियादी ने भी लगाई गुहार, मांगी सुरक्षा

हनी ट्रैप मामले में फरियादी नगर निगम के निलंबित इंजीनियर हरभजन सिंह ने सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर के माध्यम से हाई कोर्ट में सोमवार को आवेदन प्रस्तुत किया। इसमें कहा है कि उसे जान का खतरा है, इसलिए सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। हनी ट्रैप से जुड़े वीडियो-ऑडियो वायरल होने पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

जैसे ही हार्ड डिस्क मिली हमने कोर्ट में पेश कर दी

याचिकाकर्ता दिग्विजय सिंह भंडारी की तरफ से सीनियर एडवोकेट मनोहरलाल दलाल और लोकेश जोशी ने कोर्ट को बताया कि अखबार समूह के कर्ताधर्ता के माध्यम से याचिकाकर्ता को एक हार्ड डिस्क उपलब्ध हुई थी। 64 जीबी की इस हार्ड डिस्क में 16 से 18 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग है।

जैसे ही यह हार्ड डिस्क याचिकाकर्ता को मिली, उसने धारा 156 (3) के तहत इसे शपथ पत्र के साथ कोर्ट में पेश कर दिया। एडवोकेट दलाल ने सवाल उठाया कि जब कोर्ट इस मामले की निगरानी कर रही है और एसआईटी ने मामले से जुड़े ऑडियो-वीडियो हैदराबाद लैब में जांच के लिए भेजे हैं तो फिर यह लीक कैसे हो रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी से ही ऑडियो-वीडियो लीक हो रहे हैं। इसकी जांच करवाई जानी चाहिए।

एसएसपी खुद रहीं मौजूद

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र खुद मौजूद रहीं। सोमवार सुबह से ही हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा के खास इंतजाम थे। आधा दर्जन से ज्यादा थाना प्रभारी व्यवस्था संभाले थे।

सोनी को 6 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा

इधर पुलिस ने मीडिया समहू के कर्ताधर्ता अमित सोनी को सोमवार दोपहर बाद जिला कोर्ट में पेश किया। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मनीष भट्ट के न्यायालय में पुलिस उसे लेकर पहुंची। अभियोजन की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि आरोपित से पूछताछ बाकी है। सीडी और अन्य जब्तियां भी होना हैं। इसलिए उसे पुलिस रिमांड पर सौंपा जाए। कोर्ट ने सोनी को 6 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया।

दो होटल और एक कैफे की नपती कर अवैध निर्माण की जांच

इंदौर नगर निगम ने सोमवार को दो होटल और एक कैफे की नपती कर अवैध निर्माण खंगाला है। तीनों संस्थान का संचालन जीतू सोनी द्वारा किया जाता है। निगम के अमले ने देखा कि संचालकों ने कहां-कितना अवैध निर्माण कर रखा है। यदि शासन स्तर से इशारा हुआ तो निकट भविष्य में कभी भी अवैध निर्माण हटाए जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि निगम ने गीताभवन चौराहा के पास स्थित होटल माय होम, साउथ तुकोगंज स्थित होटल बेस्ट वेस्टर्न प्लस ओ-2 और न्यू पलासिया स्थित ओ-2 कैफे की नपती की।

इससे पहले रविवार को भी निगम अधिकारियों ने इन जगहों का दौरा किया था। निगम ने तीनों संस्थानों के स्वीकृत नक्शे और मौके पर हुए निर्माण की तुलना कर अवैध निर्माण का आकलन किया है। नपती के बाद अधिकारियों ने रिपोर्ट आला अफसरों को दे दी है। कुछ वर्ष पहले भी नगर निगम ने सोनी के माय होम होटल के अवैध निर्माण को तोड़ा था। तब भी काफी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई थी।

Posted By: Sandeep Chourey