इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Madhya Pradesh Honey trap case हनी ट्रैप मामले में मंगलवार को आरोपितों की जेल से ही वीडियो कंफ्रेंसिंग के जरिए जिला कोर्ट में पेशी हुई। आगे से इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष होगी, लेकिन उनके नाम का खुलासा तीन मार्च को होगा।

17 सितंबर 2019 को नगर निगम के निलंबित इंजीनियर हरभजनसिंह ने पलासिया थाने पर रिपोर्ट लिखवाई थी कि दो महिलाएं उन्हें ब्लैकमेल कर रही हैं। ये महिलाएं अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर तीन करोड़ रुपए मांग रही हैं।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरती सिंह, मोनिका यादव, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा भटनागर और ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से ये सभी जेल में हैं। आरोपितों के खिलाफ 16 दिसंबर 2019 को चालान भी पेश हो चुका है।

आरोपित श्वेता विजय जैन की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर ने बताया कि मंगलवार को केस कमिट हो गया। अब तीन मार्च से इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष होगी। अभी उनका नाम पता नहीं चला है, लेकिन यह तय हो गया है कि तीन मार्च को सुनवाई जेएमएफसी कोर्ट में नहीं बल्कि सेशन कोर्ट में होगी।

एडवोकेट गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ जिन धाराओं में चालान पेश किया है वे ऐसी हैं जिनका ट्रायल सेशन कोर्ट में ही चल सकता है। ऐसी स्थिति में सेशन जज को केस कमिट करना होता है। इसके बाद प्रकरण की सुनवाई सेशन कोर्ट में होने लगती है। मंगलवार को केस कमिट हो गया है।

Posted By: Hemant Upadhyay