इंदौर। MPPSC Exam 2020: राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 का पहला चरण रविवार को संपन्न हुआ। 892 केंद्रों पर आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में उपस्थिति का औसत करीब 87 प्रतिशत रही। इंदौर में उपस्थिति 88 प्रतिशत दर्ज हुई। उपस्थिति और पदों के अनुपात में दूसरे दौर यानी मुख्य परीक्षा के लिए प्रत्येक 38वें उम्मीदवार का चयन तय माना जा रहा है। पीएससी-प्री में दो पेपर हुए। पहले प्रश्नपत्र के मुकाबले दूसरे प्रश्नपत्र में उम्मीदवारों की उपस्थिति घट गई। उपस्थिति और प्रश्नपत्र के लिहाज से पहले दौर में प्रतिस्पर्धा कठिन नहीं मानी जा रही।

पीएससी के लिए कुल 3 लाख 66 हजार 353 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। 3 लाख 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों के परीक्षा में शामिल होने की सूचना है। प्रारंभिक परीक्षा से पदों के मुकाबले 15 गुना उम्मीदवार दूसरे दौर यानी मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाएंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक रविवार को परीक्षा के प्रश्नपत्र की कठिनाई का स्तर औसत रहा। आसार हैं कि अनारक्षित श्रेणी (ओपन) के लिए कटऑफ 70 से 72 प्रतिशत रहेगा। अभी तक सामान्य अध्ययन के पर्चे में पूछे गए एक प्रश्न पर संशय है। लिहाजा इस प्रश्न को हटाया जा सकता है।

प्रश्न में पूछा गया है कि मांडू का जहाज महल किस शासक ने बनाया था। वैकल्पिक उत्तर में सुल्तान महमूद, सुलतान सिराजुद्दीन, अहमदशाह-प्रथम और सिकंद शाह का नाम दिया गया था। प्रतिभागियों के मुताबिक जहाजमहल का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। विकल्प में उनका नाम ही नहीं है।

विशेषज्ञ प्रदीप श्रीवास्तव के मुताबिक सुलतान महमूद ने निर्माण को पूरा करवाया था इसलिए पीएससी इस आधार पर प्रश्न को सही भी करार दे सकती है। पीएससी की तय प्रक्रिया के मुताबिक उत्तर कुंजी जारी होगी। सवाल-जवाब पर आपत्तियां दर्ज करने का समय मिलेगा। एक से अधिक सही विकल्प या सभी गलत विकल्पों वाले प्रश्नों को हटा दिया जाएगा।

एसजीएसआईटीएस में बिना जूते-मोजे

सर्दी के मौसम के मद्देनजर पीएससी परीक्षा में जूते-मोजे और स्वेटर पहनने की छूट देने का ऐलान हुआ था। इसके बावजूद परीक्षा केंद्र बने एसजीएसआईटीएस में उम्मीदवारों के जूते-मोजे उतरवा लिए गए। जो उम्मीदवार जूते-मोजे पहनकर आए थे, उन्हें नंगे पैर परीक्षा देने के लिए कहा गया। कुछ-कुछ केंद्रों पर स्वेटर की बजाय जैकेट पहनकर पहुंचे उम्मीदवारों की जैकेट भी परीक्षा हॉल के बाहर उतरवा ली गई।

पीएससी के चैयरमैन भास्कर चौबे, सदस्य चंद्रशेखर रायकवार, उपसचिव संघमित्रा गौतम समेत अधिकारी अलग-अलग केंद्रों पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। सतर्कता अधिकारी मदनलाल गोखरू नीमच-मंदसौर जिले के परीक्षा केंद्रों में निरीक्षण करते रहे। सचिव रेणु पंत मुख्यालय की व्यवस्था देखने के साथ शहर के केंद्रों की स्थिति पर भी निगरानी करती रहीं।

Posted By: Hemant Upadhyay

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