इंदौर। देश के बड़े औद्योगिक घरानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इंदौर के ब्रिलियंट कंन्वेंशन सेंटर में 'मैग्निफिसेंट एमपी' का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री कमलनाथ, उद्योगपति आदि गोदरेज सहित अन्य उद्योगपतियों ने दीप प्रज्वलित कर इसकी कार्यक्रम की शुरुआत की। सीएम कमलनाथ ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी का देश के सबसे स्वच्छ शहर में आपका स्वागत है। यह कोई मेला नहीं है, ना ही सिर्फ एमओयू साइन करने के लिए रखा गया कार्यक्रम। यहां से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे। हमारी सरकार बनने के 10 महीने के अंदर ही हमने असंभव को संभव बनाया। हमने इंदौर और भोपाल में मेट्रो का शुभारंभ किया। हमने 20 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। मध्यप्रदेश के 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। हमने राइट टू वॉटर शुरू किया ताकि सभी को पर्याप्त पानी मिल सके। आज के युवाओं की सोच 20 से 25 साल पहले के युवाओं से बहुत अलग है। हमने कॉलोनियों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया को और सहज किया।

सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का टाइगर कैपिटल है। मध्यप्रदेश को उद्योगों का हब बनाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आप हमारे शहरों ही नहीं गांवों और कस्बों में पहुंचे। उन्होंने कहा इंडिया इन्क्रेडिबल है लेकिन मध्यप्रदेश क्रेडिबल है। परंपरा से हट के पिछली तमाम समिट्स में तत्कालीन सीएम सूट में शामिल होते रहे हैं। लेकिन इस बार कमलनाथ समिट में सफेद कुर्ते पजाम में ही पहुंचे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी बोर्ड मीटिंग के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए, उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि मेरी मुंबई में सीएम कमलनाथ से मुलाकात हुई है, मैं उनके विचारों से प्रभावित हुआ। मध्यप्रदेश मेरा भी है। मध्यप्रदेश सिर्फ मध्य में नहीं मन में भी है। हमने यहां बीते वर्षों में 20 हजार करोड़ का निवेश किया है। उन्होंने जियो गैस पाइप लाइन का उल्लेख किया और बोले मध्यप्रदेश कई देशों से ज्यादा डेटा उपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम सबका मध्यप्रदेश, मेगीनिफेसेन्ट मध्यप्रदेश।

उद्योगपति आदि गोदरेज ने मध्यप्रदेश की तारीफ की और भोपाल, ग्वालियर और इंदौर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने से पहले मैंने अपने अपने बिजनेस हेड्स से पूछा था कि कोई मुद्दा है जिस पर सीएम कमलनाथ से बात की जाए, उन्होंने कहा कि कोई समस्या नहीं है।

सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप संघवी ने कहा कि यहां कई फार्मा कॉलेज हैं। इंदौर और भोपाल रहने और बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर है। उन्होंने रैनबैक्सी को खरीदने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम 500 करोड़ का निवेश कर चुके हैं। एक्सपोर्ट में बेहतर प्रदर्शन से एमपी उन्नति है। हम देवास और मालनपुर में यूनिट का विस्तार करेंगे। उन्होंने बिजली का मुद्दा उठाया और कहा कि ऊर्जा की लागत ज्यादा प्रतिस्पर्धी होना चाहिए। कहा कि सीएम हमारी समस्या पर ध्यान दें।

आईटीसी के चेयरमैन संजीव पूरी ने सीएम कमलनाथ को बधाई देते हुए समिट को फोकस इवेंट बताया। उन्होंने सोशल इकोनामी के साथ ग्रोथ का सूत्र दिया। फूड प्रोसेसिंग में मध्यप्रदेश में हमारी बड़ी भागीदारी है। हर वर्ष हम यहां से बड़ी खरीददारी कर हरे हैं। ई-चौपाल का टेस्ट ट्रायल यहीं हुआ है। इसके बाद देश में दो हजार से ज्यादा ई चौपाल बनीं। हम किसानों को आलू का नया बीज देंगे। पूरी ने कहा कि गेंहू में सबसे बड़ा, सबसे अच्छा शरबती गेहूं यहां है लेकिन इसकी उत्पादकता कम है। हम नई प्रजाति के लिए टेस्ट कर रहे हैं। एमपी में सामुदायिक पानी संरचना बना रहे हैं। 100 एकड़ का औषधीय फार्म यहां बनाया है। आने वाले वक्त में इसे कई गुना बढ़ाएंगे। 700 करोड़ का निवेश आने वाले समय में करेंगे।

इंडिया सीमेंट के एम श्रीनिवासन ने अपने संबोधन में कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है जहां कई लाभ हैं। आपके पास सभी तरह के संसाधन है लेकिन सच्चा लीडर होना चाहिए, जो क्षमता को समझ सके। हमारी दक्षिण भारत आधारित सीमेंट कंपनी है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ज्यादा बात नहीं करते लेकिन झट से निर्णय लेते हैं। ढाई मिलियन टन सीमेंट प्लांट खंडवा में है। आने वाले समय में इसकी क्षतमा दोगुनी करेंगे। श्रीनिवासन ने कहा कि ऐसी सरकार और ऐसा सीएम पहले नहीं देखा।

एचईजी के रवि झुनझुनवाला ने कहा कि मध्यप्रदेश की लोकेशन का लाभ सबको पता है, उन्होंने अपने बीते 40-50 वर्ष के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि 1975 में उस समय सीएम रहे अर्जुनसिंह हमें भोपाल से 30 किमी दूर सैकड़ों एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी। हमने वहां ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड का काम शुरू किया। 70 करोड़ से हम आज 2 हजार करोड़ तक पहुंच गए। झुनझुनवाला ने भी बिजली का महंगा होना समस्या बताया। उन्होंने कहा कि 7-8 साल पहले सीएस से विस्तार को लेकर मिला था, तब बिजली की बात की थी। तब उन्होंने आने वाले वर्षों में फिक्स रेट में बिजली देने का वादा किया था, ऐसा अन्य किसी राज्य में नहीं हुआ। देश का पहला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्लांट एमपी में ही लगा। बीते 10 महीनों से नए सीएम कमलनाथ से लगातार बात हो रही है। एक पॉलिीस सबके लिए ठीक नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सीएम ने प्रजेंटेशन के समय हर लाइन पर सवाल पूछे, इससे अच्छा मैसेज जाता है। उन्होंने अक्षय पात्र योजा के प्रेजेंटेशन का हवाला दिया।

सीआईआई के डायरेक्टर चंद्रजीत बेनर्जी ने कहा कि मैंने छिंदवाड़ा जाकर वहां के स्किल सेंटर देख, वे ऐसे हैं जिन्हें हम देश में ही नहीं बाहर भी उदाहरण के बतौर पेश कर सकते हैं। हम जबलपुर और भोपाल में मॉडल केरियर सेंटर खोलेंगे। इनसे अगले एक-दो वर्षों में 40 से 50 हजार रोजगाकर पैदा होंगे। भेापाल में करियर सेंटश्र देश के एक्सीलेंस सेंटर से जुड़ा होगा।

ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता ने कहा कि ट्राइडेंट एक दशक से मध्यप्रदेश में है और अब बिलियन डॉलर कंपनी बन चुकी है। आने वाले समय में हम यहां 3 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। आने वाले समय में हम ऑर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप शुरू करेंगे और नि:शुल्क सिखाएंगे। उन्होंने सीएसआर की गतिविधियां गिनाई और बोले गांवों में अस्पताल चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्यों न हम गन्ना उत्पादन को बढ़ावा दें, इससे एथेनाल का उत्पदान भी होगा। उन्होंने जीवाश्म आधारित ऊर्जा पर निर्भरता खत्म करने की बात कही।

मार्क जेरोलट ने मंच पर पहुंचकर जैसे ही नमस्ते बोलेकर हिंदी में अपनी बात रखना शुरू की, तो सभी बहुत प्रभावित हुए और तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। जेरोलट ने कहा कि 6 वर्ष से मैं एक प्रसन्न निवेशक हूं। हम कंट्रोल कम्युनिकेशन केबल और रोबोटिक टेक्नोलॉजी में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं बताता हूं हमने यहां क्यों निवेश किया, एमपी में कनेक्टिविटी और लोकेशन इसकी पहली वजह है। दूसरी वजह पानी और बिजली की उपलब्धता है। हम हमारी फैक्ट्री में एक मेगावॉट कैपटिव सोलर प्लांट लगा चुके हैं। स्किल लेबर भी वजह है यहां आने की। चौथी वजह शिक्षण केंद्र इंडो जर्मन टूल रूम भी है। हमने केबल डिजाइन टेस्टिंग की वर्कशॉप की है। पांचवी वजह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस है। जेरोलट बोले हमारे नए निवेश पाइपलाइन में हैं। हम सोलर केबल जैसे उत्पाद बनाएंगे।

भारती इंटरप्राइजेस के राकेश भारती मित्तल ने अपने संबोधन में सीएम कमलनाथ को मैग्निफिसेंट एमपी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में लैंड बैंक की स्थिति बेहतर है, हमने यहां 8500 करोड़ का पहले से निवेश कर रखा है। उन्होंने एयरटेल पेमेंट बैंक का उल्लेख किया। उन्होंने सीएम से कहा कि नई टेलीकॉम गाइडलाइन जल्द लागू करें। स्किल वोकेशन ट्रेनिंग पर बोले हम तीन वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर इंदौर और धार में लगा चुके हैं। मित्तल ने सुझाव दिए कि स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाए। 12वीं के बाद बच्चे रोजगाकर लायक बन जाएंगे। उन्होंने कहा दूसरा सुझाव दिया कि फूड प्रोसेसिंग पर जोर दें, निजी क्षेत्र इसमें बड़े निवेश के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि किसानों का कलस्टर बनाकर सोलर उर्जा पैदा की जाए, ये किसानों की आय का जरिया बनेगा।

इसमें देश-विदेश के 900 से अधिक उद्योगपति शामिल हो रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से यह आयोजन इस मायने में अलग है कि इस बार सिर्फ उन्हीं उद्योगपतियों को बुलाया है, जिनकी वास्तव में निवेश की रुचि है। कार्यक्रम में वेयर हाउसिंग व लॉजिस्टिक हब के क्षेत्र में बड़े निवेश की घोषणा की संभावना। खाद्य प्रसंस्करण, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा, डाटा सेंटर, पर्यटन, दवा उद्योग सहित अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावना है। इस दौरान सीएम उद्योगपतियों से रूबरू होंगे।

इन क्षेत्रों पर फोकस

- खाद्य प्रसंस्करण।

- दवा उद्योग।

- टेक्सटाइल और गारमेंट।

- आईटी व इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन।

- शहरी विकास।

- रिन्यूएबल एनर्जी।

- वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक।

Posted By: Prashant Pandey