इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पांच दिनी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 23 मई से दिव्य शक्तिपीठ एमआर-10 पर आयोजित किया जाएगा। इसमें अठारह भुजाधारी मां दुर्गा, दस भुजाधारी महाकाली, अष्टभुजाधारी महासरस्वती, राम दरबार, राधाकृष्ण, गणेश एवं हनुमानजी सहित नौ प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा की जाएगी। इसमें पंचगंगा श्रीमठ काशी पीठाधीश्वर स्वामी रामनरेशाचार्य वाराणसी से आएंगे।

महोत्सव की शुरुआत 23 मई को सुबह 9 बजे आचार्य पं. कल्याणदत्त शास्त्री के निर्देशन में सात आचार्यों द्वारा की जाएगी। पहले दिन गणेश पूजन, पंचांग कर्म एवं शोभायात्रा के बाद दोपहर 3 से 6 बजे तक मंडल देवताओं की स्थापना एवं पूजन के बाद आरती होगी। 24 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक स्थापित देवी-देवताओं के पूजन के बाद दोपहर में प्रतिमाओं का जलाधिवास होगा। 25 मई को सुबह 9 से 11 बजे तक नियमित पूजन के बाद दोपहर 3 से 4 बजे तक अरणि मंथन द्वारा अग्नि स्थापना के बाद यज्ञ हवन का शुभारंभ तथा अपराह्न 4 बजे प्रतिमाओं के अन्नााधिवास के बाद आरती होगी। 26 मई को सुबह 9 से 10 बजे तक स्थापित देवी-देवताओं के पूजन के बाद 10 से 11 बजे तक यज्ञ, हवन, दोपहर 3 से 4 बजे तक 108 कलशों से समस्त प्रतिमाओं का विभिन्न प्रकार की औषधियों एवं द्रव्यों से स्नान के बाद शैय्याधिवास होगा। 27 मई को सुबह यज्ञ-हवन के बाद अभिजित मुहूर्त में 11.30 से 12.30 बजे के बीच प्राण-प्रतिष्ठा का मुख्य महोत्सव संपन्ना होगा। दोपहर 1 बजे पूर्णाहुति होगी।

भागवत कथा सुनने से ही राजा परीक्षित को मिला मोक्ष

इदौर। श्रंगी ऋषि के श्राप को पूरा करने के लिए तक्षक नाग भेष बदलकर राजा परीक्षित के पास पहुंचकर उन्हें डंस लेता है। जहर के प्रभाव से राजा का शरीर जल जाता है और मृत्यु हो जाती है। मृत्यु से पूर्व राजा परीक्षित ने सात दिन भागवत कथा का श्रवण किया, जिसके फलस्वरूप उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। यह बात वृंदावन के भागवताचार्य पं. राजेश शास्त्री ने सुदामा नगर स्थित नर्मदा सेवा बस्ती में कही। वे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन परीक्षित चरित्र प्रसंग की व्याख्या कर रहे थे। इस अवसर पर रूप माहेश्वरी, कमलेश वाजपेयी, भेरूलाल पाटीदार, उमिया धाम ट्रस्ट से रंजन पाटीदार, कपिल पाटीदार ने आरती की। 22 मई को दोपहर 3 बजे से होने वाली कथा में सती चरित्र प्रसंग होगा।

Posted By: Hemraj Yadav

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close