Indore News इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। श्रीराम मंदिर पंचकुइया आश्रम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मणदास महाराज का देवलोकगमन शनिवार देर रात हो गया। देर रात को हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। उनकी अंतिम यात्रा पंचकुइया मंदिर से रविवार दोपहर 12 बजे निकलेगी, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मंदिर में पहुंचेगी। मंदिर परिसर में ही महाराज का अंतिम संस्कार वेद मंत्रों के बीच किया जाएगा।

उनके देवलोकगमन से शिष्यों में शोक व्याप्त है। देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वालों को उनके निधन की सूचना दी जा रही है। देर रात से ही भक्त मंदिर पर जुटने लगे थे। लक्ष्मणदास जी महाराज ने हाल ही में इंदौर में हुई सिहोरवाले पंडित प्रदीप मिश्रा से भी मुलाकात की थी।

300 साल पुराने मंदिर की व्यवस्था का जिम्मा

वे पंचकुइया स्थित 300 साल पुराने मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे थे। यहां भगवान राम की बाल स्वरूप में श्यामवर्ण की मूर्ति है। 15 एकड़ में फैला आश्रम और मंदिर में कई धार्मिक और सेवा गतिविधियों का संचालन होता है। यहां गोशाला में 250 गायें हैं। भगवान राम के साथ ही शिव मंदिर भी है।

यह स्थान दिगंबर आनी अखाड़े के अंतर्गत आता है। माना जाता है कि इस मंदिर से अन्नकूट की परंपरा शहर में शुरू हुई। वर्षभर मंदिर में विभिन्न उत्सव आयोजित किए जाते हैं।

राजनीतिक मंच पर भी रहे सक्रिय

लक्ष्मणदास महाराज धार्मिक आयोजनों के साथ ही राजनीतिक मंच पर भी सदा सक्रिय रहते थे। विभिन्न दलों के राजनेताओं के कार्यक्रमों के उनकी सक्रियता मंच पर नजर आती थी। उनके स्नेह और तर्कपूर्ण व्यवहार ने उन्हें लोकप्रिय बनाया था।

Posted By: Sameer Deshpande

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