इंदौर। मकर सक्रांति का पर्व इस वर्ष 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पर्व का पुण्यकाल 10 घंटे 22 मिनट रहेगा। ज्योतिर्विदों के मुताबिक इस दिन अमृत सिद्धि योग में स्नान-दान, पूजन वैभवदायक होगा। पर्व इस वर्ष देश को आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत दे रहा है। जानकार इसे लेखक, शिक्षक और बुद्धिजीवी वर्ग के लिए सकारात्मक फल देने वाला मान रहे हैं।

धनु से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश 14 जनवरी को रात 1.36 बजे होगा। इस दौरान पूर्वा भास्कर नक्षत्र और परिधि नामक योग होगा। चंद्र मीन राशि में होगा। पुण्यकाल 15 जनवरी को शाम 5.36 बजे यानी 10 घंटे 22 मिनट तक रहेगा। साथ ही अमृत सिद्धि योग दोपहर 12.35 से दिवस पर्यंत रहेगा।

ज्योतिर्विद् ओम वशिष्ठ के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का वाहन वराह और उपवाहन बैल है। इनकोहरे वस्त्र में तांबे का पात्र लिए हुए पूर्व दिशा की ओर गमन करते हुए दर्शाया गया है। दृष्टि अग्नि में है। हरे वस्त्र सौभाग्य प्रदान करने वाले माने जाते हैं। अभिनेता, गायक या कलाकारों को सावधान रहने की आवश्यकता है। ज्योतिर्विद् श्यामजी बापू के अनुसार मकर राशि में सूर्य का प्रवेश सायंकाल या रात्रि में होता है तो पर्व अगले दिन माना जाता है। पर्व का पुण्यकाल 15 जनवरी को मानना शास्त्र सम्मत होगा।

अगले वर्ष फिर 14 को आएगी संक्रांति

ज्योतिर्विद् देवेंद्र कुशवाह के अनुसार अगले वर्ष 2017, 2018, 2021 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को आएगी। इससे पहले 2011, 2012, 2015 में मकर सक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई गई थी। ऐसा इसलिए होता है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए 72 साल में एक डिग्री पीछे हो जाती है। इससे सूर्य मकर राशि में एक दिन देरी से प्रवेश करता है। इससे सक्रांति का समय 72 से 90 साल में एक दिन आगे खिसक जाता है। -नप्र

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