उदय प्रताप सिंह, इंदौर (नईदुनिया) । इंदौर में रहने वाली एक मासूम को जहां अपनों का सहारा मिलना था तो उसके सगे मामा ने उसे बेचकर उसकी जिंदगी मुश्किल बना दी। 15 साल की इस किशोरी ने मजबूरी में उज्जैन के महाकाल मंदिर में मजदूरी की। उधर, उसका शोषण करने वाले युवक के कारण वह गर्भवती हुई, लेकिन उसे अपने नवजात को खोना पड़ा। इस बीच वह इंदौर से उज्जैन होते हुए गुजरात के नडियाद तक भटकती रही। इस दौरान एक ट्रक ड्राइवर ने भी उसका शोषण किया।

उसकी दर्दभरी दास्तां सुन बाल कल्याण समिति सदस्यों व पुलिस कर्मियों का भी दिल पसीज गया। पांच दिन पहले इंदौर आई किशोरी के आंसू खुद पर हुए अत्याचार को याद कर सूख नहीं पा रहे हैं। अब वह सिर्फ यही गुहार लगा रही है कि उस पर हुए अत्याचार के जिम्मेदार मामा, खरीदने वाले युवक और ट्रक ड्राइवर को सजा मिले। पीड़िता जब मां के गर्भ में थी, तभी उसके किसान पिता की मौत हो गई थी।

किशोरी के मुताबिक उसके पिता की हत्या हुई थी। जन्म के छह साल बाद उसकी मां की मौत हो गई। इसके बाद वह इंदौर में अपने मामा के घर रहने लगी। वह 12 साल की थी तो मामा ने 15 हजार रुपये में एक 35 साल के युवक को बेच दिया। युवक उसे उज्जैन लेकर गया और महाकाल मंदिर परिसर में साफ-सफाई के काम में लगा दिया।

यहां से उसे मजदूरी में 300 रुपये रोज मिलते थे। युवक उससे 250 रुपये लेकर सिर्फ 50 रुपये खाने-पीने के लिए देता था। इस दौरान युवक ने किशोरी का कई बार शारीरिक शोषण किया। युवक और उसका पिता अकसर उसके साथ मारपीट करते थे और जबर्दस्ती शराब पिलाते थे। शराब न पीने पर भी पीटते थे। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हुई तो युवक उसे निवाली गांव लेकर गया। वहां पीड़िता ने सरकारी अस्पताल में एक बच्ची का जन्म दिया।

पीड़िता के मुताबिक जिस युवक ने उसे खरीदा था, उसी ने बच्ची को मार दिया। मदद के बहाने करता रहा शोषण नवजात को खोने के बाद किशोरी निवाली से भाग निकली। रास्ते में एक ट्रक वाले ने उसे अपनी गाड़ी में बैठाया और एक से डेढ़ माह तक घुमाता रहा। इस बीच वह मदद के बहाने उसका शोषण करता रहा। इसके बाद वह किशोरी को एक दिन गुजरात के नडियाद के पास छोड़कर चला गया।

नडियाद के पास स्थित खेड़ा गांव में पीड़िता पुलिस को 4 मई को मिली। यहां नडियाद की बाल कल्याण समिति ने इसे आश्रय गृह पहुंचाया। काउंसलिंग के दौरान किशोरी ने आपबीती सुनाई। बाद में किशोरी की शिकायत पर खेड़ा पुलिस थाने पर जीरो पर कायमी हुई और वहां की समिति ने इंदौर की बाल कल्याण समिति से संपर्क कर किशोरी को 24 जून को इंदौर भेजा। फिलहाल किशोरी को इंदौर के आश्रय गृह में स्थित क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है।

इनका कहना है

हमारे पास हाल ही में एक नाबलिग को नडियाद (गुजरात) से भेजा गया है। उसके साथ काफी बुरा व्यवहार हुआ। किशोरी लगतार रो रही है। उसका कहना है कि मेरे मामा, उसे खरीदने वाले और ट्रक ड्राइवर को सजा दिलवाएं। पुलिस के माध्यम से मामा व खरीदार की खोजबीन की जा रही है।

- माया पांडे, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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