इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Naidunia Sehat Shala। योग शास्त्रानुसार रोग के मूल कारण पंच क्लेश और अनियमित जीवनशैली है। यदि इस बात को जान लिया जाए तो रोग से बचा जा सकता है। पंच क्लेश में अविद्या, अति आत्मविश्वास, राग, द्वेष डर शामिल है जिससे रोग होता है फिर चाहे वह किसी भी तरह का रोग हो। कोरोना संक्रमण से जंग जीत चुके लोगों को थकान, कमजोरी, चक्कर आना, हल्का बुखार रहना, हृदय रोग, मधुमेह, ब्लैक फंगस, अवसाद, एकाग्रता की कमी और अनिद्रा जैसी समस्या हो रही है।

शोध कहता है कि नकारात्मक सोच, बीमारी का डर, सतत तनाव, चिंता, उचित व संतुलित अाहार का अभाव भी इन रोगों की वहज साबित हो रहे हैं। यदि इन बिंदुओं पर ध्यान दिेया जाए तो स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। यह बात नईदुनिया द्वारा आयोजित सेहतशाला में योग विशेषज्ञ और योग चिकित्सक डा. हेमंत शर्मा ने रविवार को कही। नईदुनिया द्वारा अपने पाठकों के लिए फेसबुक एकि्टविटी पेज नईदुनिया सेहतशाला के जरिये यह प्रयास किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 8 बजे सेहतशाला का लाभ पाठक ले सकते हैं।

रविवार को सेहतशाला में डा. हेमंत शर्मा ने मार्जरी आसन का अभ्यास कराया। यह आसन मेरूदंड को लचीला बनाता है और फेफडों की क्षमता का विकास करता है। गर्दन और कमर दर्द में इससे लाभ होता है, पाचनतंत्र के अंगों की मालिश होती है और प्रजननतंत्र को लाभ होता है।

इस आसन को करने के लिए साधक वज्रासन में बैठकर दोनों घुटने व हाथ के सहारा लेकर चौपाए के समान शरीर की आकृति बना लें। बाद में सांस भरते हुए सिर को उपर की और उठाएं और छत की और देखें। मेरूदंड और कमर को नीचे की और झुकाएं ताकि रीढ़ धनुषाकार आकृति में आ जाए। सिर को नीचे की और झुकाते हुए रीढ़ को उपर ले जाएं। श्वास छोड़ते हुए उदर को संकुचित करें। इस क्रिया को 10 बार दोहराएं। जिन्हें घुटने, कलाई, कंधे में दर्द हो या चोट लगी हो वे इसे सावधानी से करें। अभ्यास के दौरान शरीर को आगे-पीछे न करें।

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सेहतशाला में योग आदि से संबंधित सवाल पूछने के लिए पाठक 9993422333 नंबर पर वाट्सअप करें। सवाल के साथ अपना नाम और शहर का नाम लिखकर भेजें।

Posted By: Sameer Deshpande

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