जितेंद्र यादव, इंदौर । देश में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर अब तक फसल के लिए ही कर्ज मिलता है, लेकिन कोरोना काल में अब दूध की खेती यानी दूध उत्पादन के लिए भी भारत सरकार केसीसी देने जा रही है। इसके तहत मध्यप्रदेश में करीब पौने तीन लाख किसानों को इसका फायदा मिलेगा। योजना में उन दूध उत्पादकों को भी फायदा मिलेगा, जो भूमिहीन हैं। मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ से जुड़े सभी दुग्ध संघों में दूध उत्पादक सदस्यों का पंजीयन शुरू हो चुका है। बताया जाता है कि कोरोना संकटकाल में किसानों की आर्थिक दशा सुधारने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।

मप्र दुग्ध महासंघ के एमडी शमीमुद्दीन का कहना है कि केसीसी की योजना से प्रदेश की 7800 दूध उत्पादक समितियों के सदस्यों को फायदा मिलेगा। इस योजना में प्रदेश के दुग्ध संघों से जुड़ी प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के सभी सदस्यों को जोड़ा जा रहा है। इसमें किसानों के साथ ही भूमिहीन दूध उत्पादकों को भी शामिल किया गया है।

योजना में दूध उत्पादक किसानों को 1.60 लाख से लेकर 3 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। भूमिहीन किसान 1.60 लाख रुपए तक लोन ले सकेंगे। अच्छी बात यह है कि 1.60 लाख रुपए तक के लोन पर किसानों को बैंक में कोई गारंटी नहीं देना पड़ेगी।

महासंघ के जीएम आरके दुरवार ने बताया कि जिन किसानों के केसीसी पहले से बने हैं, उनकी लिमिट 3 लाख रुपए तक बढ़ा दी जाएगी और जिन किसानों के पास कोई केसीसी नहीं है, उनके नए केसीसी बनाए जाएंगे। अब तक 55 हजार दूध उत्पादकों के प्रकरण बैंकों को भी भेज दिए हैं।

इंदौर दुग्ध संघ के सीईओ एएन द्विवेदी और जीएम फील्ड ऑपरेशन ओपी झा ने बताया कि इंदौर दुग्ध संघ में आने वाले 10 जिलों के 62 हजार से अधिक दूध उत्पादकों को केसीसी मिल सकेगा। अब तक यहां 26 हजार से अधिक सदस्यों का पंजीयन हो चुका है। बचे सदस्यों का पंजीयन तेजी से किया जा रहा है।

ब्याज में मिलेगी 5 फीसद तक की छूट

केसीसी से लोन लेने वाले दूध उत्पादकों को ब्याज पर 2 फीसद की छूट मिलेगी, लेकिन समयावधि में पैसा जमा हो जाता है तो 3 फीसद अतिरिक्त छूट मिलेगी। इस तरह ब्याज पर कुल 5 फीसद की छूट मिल सकेगी। मिलने वाले कर्ज से दूध उत्पादक दुधारू पशु खरीद सकेंगे। जिनके पास पशु हैं, वे गाय-भैंस के लिए चारा-पानी का इंतजाम कर सकते हैं। साथ ही पशुओं के लिए शेड भी बना सकेंगे।

साहूकार के चंगुल से मिलेगी मुक्तिइंदौर दुग्ध संघ के अध्यक्ष मोतीसिंह पटेल ने इस साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हरियाणा की तर्ज पर दूध उत्पादकों के लिए भी केसीसी की योजना शुरू करने की मांग उठाई थी।

उनका मानना है कि छोटे दूध उत्पादकों के पास मवेशी खरीदने और पशु आहार के पैसे नहीं होते। साहूकार और दूध के कारोबारी ऐसे दूध उत्पादकों को कर्ज देकर बदले में उनसे मनमाने दाम पर दूध लेते हैं। ऐसे में सरकार की यह योजना किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी। वे साहूकारों के चंगुल से मुक्त हो सकेंगे।

Posted By: Sandeep Chourey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020