इंदौर। देश-प्रदेश से लेकर शहर के बाजारों में भी मंदी का भय फैला है, लेकिन आय कर इससे बेअसर है। आशंकाओं से उलट इस बार इंदौर परिक्षेत्र में बीते साल से ज्यादा आयकर जमा हुआ है। सितंबर तक के टैक्स कलेक्शन के आंकड़े से विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उत्साहित हैं।

2019-20 के लिए सीबीडीटी से इंदौर को 2,658 करोड़ रुपए टैक्स जुटाने का लक्ष्य मिला है। विभाग के मुताबिक 2019-20 में तीन सितंबर तक 379.6 करोड़ टैक्स जमा हो चुका है। 2018-19 में सितंबर में जुटाए टैक्स से तुलना की जाए तो इस दौरान 323.6 करोड़ रुपए जमा हुए थे। आयकर विभाग टैक्स कलेक्शन के इस आंकड़े से इसलिए भी उत्साहित है, क्योंकि जमा हुए इस टैक्स में ज्यादातर स्वेच्छा से जमा कर है, न कि कार्रवाई या सर्च ऑपरेशन के जरिए जमा करवाया गया। ये एडवांस टैक्स, सेल्फ असेसमेंट और रेगुलर असेसमेंट के रूप में जमा किया गया है।

करदाता बेहतर रखना चाहते हैं वित्तीय प्रोफाइल

सीए स्वप्निल जैन के मुताबिक आयकर जमा होने की दर में वृद्धि की एक वजह लोगों की टैक्स और वित्तीय प्लानिंग भी है। असल में आयकरदाता अब किसी तरह के कर अपवंचन के आरोप से बचना तो चाहते ही हैं, अपनी वित्तीय प्रोफाइल भी बेहतर रखना चाहते हैं। ऐसे में आमतौर पर करदाता का रुख रहा है कि वह बीते साल से थोड़ा ज्यादा आयकर जमा करे। असल में इससे उसकी प्रोफाइल मजबूत होती है, साथ ही आगे बैंकिंग लोन में भी लाभ मिलता है। यूं भी इंदौर जैसे क्षेत्र में मंदी का असर नौकरीपेशा, वेतनभोगी और सामान्य करदाता पर इतना नहीं पड़ा है कि उसकी वार्षिक आय पर असर पड़े।