इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Oil Price In Indore। त्योहार के बीच खाद्य तेलों की बढ़ती महंगाई पर काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने तेल-तिलहन पर स्टाक लिमिट लागू करने का आदेश दिया है। सभी राज्यों को भी निर्देश दिया गया है कि वे रिफाइनरी से लेकर थोक विक्रेेता और रिटेलर्स के लिए स्टाक लिमिट घोषित करें। इसके बाद उसका सख्ती से पालन करवाए। केंद्र के पोर्टल पर स्टाक की जानकारी विक्रेताओं को लगातर अद्यतन करवानी होगी। आदेश के बाद देश के तमाम राज्यों ने स्टाक लिमिट निर्धारित करती है। मप्र, केरल, बंगाल के साथ उत्तर-पूर्व के राज्यों ने इसका अब तक पालन नहीं किया है।

केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने देश के सभी राज्यों की सूची जारी की है। राज्यों ने दाल, तेल, तिलहन के साथ प्याज, धान और शकर के स्टाक लिमिट के बारे में भी जानकारी केंद्र तक भेजी है। केंद्र इससे पहले दालों के स्टाक को भी लिमिट के जरिए नियंत्रित कर चुका है। बीते दिनों तेल और तिलहन का आदेश दिया गया। निर्देश के मुताबिक राज्यों को तेल-तिलहन के स्टाक में रिफानरी को सबसे ज्यादा स्टाक करने की छूट मिलेगी। हालांकि केंद्र ने निर्देशित किया है कि इसका पैमाना बीते छह महीनों में संबधित रिफानरी द्वारा उत्पादन किए गए तेल के आधार पर तय हो।

रिफाइनरी को दो महीने तक का स्टाक रखने की अनुमति हो। इसी तरह छह महीने के स्टाक का औसत निकालकर थोक कारोबारी और रिटेल कारोबारी का भी स्टाक निर्धारित किया जाए। छत्तीसगढ़ ने तेल का स्टाक 250 क्विंटल तय किया है। गुजरात ने होलसेलर्स के लिए 600 क्विंटल और रिटेलर्स केे लिए 40 क्विंटल की सीमा तय की है। महाराष्ट्र ने होलसेलर्स के लिए 300 से 1000 क्विंटल सीमा रखी है। इसमें अधिक वाली सीमा रिफाइनरी और मिलों के लिए होगी, जबकि रिटेलरों के लिए 20 से 40 क्विंटल की सीमा तय की है। महाराष्ट्र और मप्र सोयाबीन तेल उत्पादन में अग्रणी है।

गुजरात मूंगफली और कपास्या तेल के उत्पादन में आगे हैं। इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि मप्र में भी खेरची कारोबारियों के लिए स्टाक सीमा 30 से 40 क्विंटल के बीच और रिफाइनरी से लेकर थोक कारोबारियों के लिए 300 से 1000 क्विंटल तक हो सकती है। हालांकि अब तक स्टाक सीमा निर्धारित नहीं करने के कारण बाजार में व्यापारियों को मौका मिल गया है कि वे दिवाली तक मनमाना स्टाक इकट्ठा कर सके। इससे प्रदेश में तेल के दाम भी कमजोर नहीं पड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के बाजारों में सोयाबीन तेल अब भी 125 रुपये किलो और मूंगफली तेल 150 रुपये किलो से ज्यादा के दाम पर बिक रहा है। सरकार स्टाक लिमिट घोषित करती है तो तेल सस्ता हो जाएगा।

Posted By: Sameer Deshpande

NaiDunia Local
NaiDunia Local