MP Honey Trap Case: मध्य प्रदेश से चर्चित हनीट्रैप केस में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सीलबंद लिफाफे में अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाई कोर्ट की इंदौर पीठ के समक्ष पेश कर दी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगले हफ्ते की तारीख तय की है। माना जा रहा है कि स्टेटस रिपोर्ट में प्रदेश के कई हाई प्रोफाइल लोगों के नाम हो सकते हैं। एसआईटी प्रमुख खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित हुए। कोर्ट ने अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अगले गुरुवार तक का समय देते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। अब इस मामले में दायर सभी याचिकाओं की सुनवाई एक साथ होगी। गुरुवार को शासन का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता खुद उपस्थित हुए थे।

हनीट्रैप मामले को लेकर यह याचिका श्रीश मिश्रा ने एडवोकेट निधि बोहरा के माध्यम से दायर की है। 27 जुलाई को याचिकाकर्ता ने आवेदन देकर मांग की थी कि इस मामले की जांच सीबीआइ से करवाई जाए क्योंकि आशंका है कि एसआइटी जांच में कई तथ्यों को छिपा रही है। पूछताछ में जो नाम सामने आए हैं और आरोपितों ने जो नाम बताए हैं, उन नामों का उल्लेख भी नहीं किया गया है। ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत चालान में भी कई खामियां हैं। ऐसा लगता है कि कुछ आरोपितों को बचाने का प्रयास हो रहा है। इस पर कोर्ट ने आदेश दिया था कि एसआइटी प्रमुख कोर्ट को बताएं कि अब तक हुई जांच में कौन-कौन से नाम सामने आए हैं। पहले दिन से अब तक हुई जांच का ब्योरा दें और स्टेटस रिपोर्ट पेश करें। गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान एसआइटी प्रमुख स्वयं उपस्थित थे। शासन की तरफ से पैरवी महाधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव और अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने की। एसआइटी ने तीन बंद लिफाफों में स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी। इन लिफाफों में ही जांच के दौरान सामने आए नाम भी हैं। इसके साथ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत चालान, प्रोग्रेस रिपोर्ट आदि हैं। कोर्ट अब इस संबंध में 13 अगस्त को बहस सुनेगी।

सीबीआई जांच पर नहीं आया जवाब

याचिकाकर्ता ने आवेदन में इस मामले की जांच एसआइटी से लेकर सीबीआइ से कराने की मांग भी की थी। गुरुवार को शासन ने स्टेटस रिपोर्ट और चालान तो कोर्ट में पेश कर दिया लेकिन सीबीआइ से जांच के मामले में कोई जवाब नहीं दिया। गौरतलब है कि हनीट्रैप मामले में ही दायर एक अन्य याचिका में भी सीबीआइ जांच की मांग उठाई गई है। शासन ने उस याचिका में जवाब दिया है कि एसआइटी की जांच लगभग पूरी होने में है। ऐसे में सीबीआइ जांच की आवश्यकता नहीं है।

सभी याचिकाओं की एक साथ होगी सुनवाई

हनीट्रैप मामले में हाई कोर्ट में पांच अलग-अलग याचिकाएं दायर हैं। अब तक इनमें से कुछ की सुनवाई एक साथ तो कुछ की अलग-अलग हो रही थी। गुरुवार को कोर्ट ने आदेश दिया कि आगे से इन सभी याचिकाओं की सुनवाई एक साथ की जाएगी।

यह है हनीट्रैप मामला

नगर निगम के तत्कालीन सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह ने पलासिया थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि कुछ महिलाएं अश्लील वीडियो के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल कर रही हैं। ये महिलाएं तीन करोड़ रुपये मांग रही हैं। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया। इस मामले की जांच के दौरान कुछ और आरोपित भी बनाए गए। मामले में हरभजन सिंह पर भी आरोप लगा कि उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आरोपित महिलाओं को आर्थिक फायदा पहुंचाया और शासन को करोड़ों रुपये की चपत लगाई। बाद में हरभजन को भी रीवा ट्रांसफर करते हुए निलंबित कर दिया गया। हरभजन ट्रांसफर और निलंबन को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट पहुंचा था लेकिन कोर्ट ने उसके ट्रांसफर और निलंबन को सही माना।

Posted By: Arvind Dubey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020