MPPSC इंदौर। मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा के लिए घोषित पदों में संशोधन कर दिया है। मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी की गई। इसके जरिए रिक्तियों की संख्या में तो हेरफेर नहीं हुआ लेकिन दो पदों के वर्गवार वितरण को बदल दिया गया। दोनों पदों पर अब अनारक्षित वर्ग की सीटें घटा दी गई हैं। इन्हें ईडब्ल्यूएस में जोड़ दिया गया है। पदों की संख्या व वितरण में तीन बार पहले भी संशोधन हो चुका है। अनारक्षित श्रेणी में पद घटने से सामान्य वर्ग के उम्मीदवार नाराज हैं। संशोधन अधिसूचना के मुताबिक खाद्य नागरिक विभाग के अंतर्गत सहायक संचालक व जिला खाद्य अधिकारी व वित्त विभाग के अंतर्गत अधीनस्थ सेवा के पदों में बदलाव हुआ है। कुल पद 14 नवंबर को जारी राज्य सेवा के प्रारंभिक विज्ञापन के अनुसार ही है। यानी खाद्य विभाग के अंतर्गत 2 पद हैं और वित्त विभाग के कुल 88 पद ही हैं। मंगलवार को संशोधन कर इनका वितरण श्रेणी वार नए सिरे से कर दिया गया है।

दोनों पदों पर पूर्व घोषित संख्या के मुकाबले अब अनारक्षित श्रेणी के पद कम कर दिए गए हैं। सहायक संचालक, खाद्य आपूर्ति अधिकारी के पहले 2 पदों में से 1 पद अनारक्षित श्रेणी में व 1 पद अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए रखा गया था। पूर्व घोषित अनारक्षित श्रेणी के 1 पद को अब शून्य कर दिया गया है। अनारक्षित श्रेणी से हटाकर इस 1 पद को ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक आधार पर पिछड़े वर्ग श्रेणी का कर दिया गया है। इसी तरह वित्त विभाग के मप्र अधीनस्थ सेवा के 88 पदों में से पहले 30 पद अनारक्षित श्रेणी में थे। अब इसमें से 9 पद कम कर अनारक्षित श्रेणी के पदों को 21 कर दिया गया है। 9 पदों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी में शामिल किया गया है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि दो पदों में ही वर्गवार वितरण क्यों बदला गया?

यदि आरक्षण नीति में परिवर्तन होता तो तमाम पदों का पहले घोषित वर्गवार वितरण बदला जाता। मप्र लोकसेवा आयोग संशोधन और वर्गवार संख्या बदले जाने का कारण बताने से इनकार कर रहा है। सचिव रेणु पंत का कहना है वर्गवार पदों की संख्या क्यों बदली, यह शासन से पूछा जाना चाहिए। हम तो जैसा शासन कहता है, वैसा करते हैं। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि पहले पीएससी ने आरक्षण का फॉर्मूला लागू करने में गलती कर दी थी, इसे अब सुधारा जा रहा है। राज्य सेवा में कुल पदों की संख्या अब भी कुल 540 ही है।

Posted By: Prashant Pandey

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