इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग(MPPSC 2019 Examination) ने भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन फीस में की गई बढ़ोतरी सोमवार को वापस ले ली। इन परीक्षाओं में अब पिछले वर्ष की परीक्षा फीस के बराबर ही आवेदन फीस लगेगी। राज्य सेवा परीक्षा के आवेदन के लिए अब आरक्षित वर्ग को 250 रुपए और सामान्य वर्ग को 500 रुपए फीस देनी होगी। आयोग को आवेदन फीस बढ़ाने पर विरोध का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इसे अनुचित कदम बताते हुए कहा था कि आयोग को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। हाल ही में राज्य सेवा परीक्षा-2019 (MP Civil Service Examination 2019) की घोषणा हुई है। आयोग ने इस परीक्षा में आवेदन की फीस पिछले साल के मुकाबले बढ़ा दी थी। यह सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 1500 रुपए और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 750 रुपए रखी गई थी। इस बढ़ोतरी का चौतरफा विरोध होने लगा था।

सोमवार को राज्य सेवा आयोग की बैठक में फीस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार किया गया। अध्यक्ष भास्कर चौबे और सदस्य चंद्रशेखर रायकवार ने आवेदन फीस में संशोधन प्रस्ताव पारित किए। निर्णय लिया गया कि सभी परीक्षाओं में पिछली परीक्षा का फीस स्ट्रक्चर ही लागू रहेगा। कृषि विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर पद के आवेदन की फीस में भी कटौती की गई है। अब इस परीक्षा के लिए आरक्षित वर्ग 500 और सामान्य वर्ग एक हजार रुपए में आवेदन कर सकेगा। आयोग ने इसे बढ़ाकर 1250 और 2500 कर दिया था।

खाते में जमा होगी अंतर की राशि

दोनों भर्ती परीक्षाओं के आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कृषि विभाग के आवेदन एक नवंबर और राज्य सेवा परीक्षा के आवेदन 14 नवंबर से शुरू हो गए हैं। बैठक में निर्णय हुआ कि जो लोग इन परीक्षाओं के लिए आवेदन कर चुके हैं, उन्हें अंतर की राशि लौटाई जाएगी। यह रकम उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

इस साल से सरकार ने 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) कोटा भी लागू किया है। भर्ती परीक्षाओं में इसका पालन नहीं होने से भी आयोग चिंतित है। खाद्य और वित्त विभाग ने एक भी सीट ईडब्ल्यूएस में नहीं रखी है। इस कारण 330 पद में से सिर्फ 19 पद ही इस कोटे में आरक्षित हो सके। आयोग इन विभागों से भी स्थिति स्पष्ट करने के लिए संपर्क कर रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network