MPPSC : इंदौर (नईदुुनिया प्रतिनिधि)। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से ओबीसी आरक्षण पर पत्र जारी होने के बाद मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) भी हरकत में आ गया है। गुरुवार शाम पीएससी ने अटकी परीक्षाओं और परिणामों को लेकर घोषणा कर दी। पीएससी ने एलान किया है कि राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 का परिणाम तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगले सप्ताह दशहरे के आसपास परिणाम जारी कर दिया जाएगा।

पीएससी ने घोषणा की है कि राज्यसेवा मुख्य परीक्षा-2019 जनवरी के दूसरे सप्ताह में होगी। दरअसल, पीएससी एक बार पहले भी इस परीक्षा का परिणाम घोषित कर चुका है। आरक्षण पर आए निर्णय के कारण अब फिर से परिणाम जारी किया जाएगा। नतीजा फिर से मुख्य परीक्षा होगी। दोबारा हो रही मुख्य परीक्षा से पुराने चयन प्रभावित होंगे या अप्रभावित, इस पर पीएससी ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। आयोग ने कहा है कि यह प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम की घोषणा के समय ही स्पष्ट किया जाएगा। इसी तरह पीएससी ने राज्यसेवा मुख्य परीक्षा-2021 का अटका परिणाम भी जारी करने की घोषणा की है। यह परिणाम फरवरी 2023 के अंत: में जारी किया जाएगा।

छात्रवृत्ति में नियम बदलने से एमबीए में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी असमंजस में

इंदौर। सरकार ने सत्र 2022-23 में छात्रवृत्ति के नियमों में बदलाव कर दिया है। इसके चलते डायरेक्टोरेट आफ टेक्नीकल एजुकेशन (डीईटी) की काउंसलिंग पर असर पड़ा है। एमबीए-एमसीए में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी असमंजस में पड़े है। शासन भी इसे लेकर स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं है। नियमों के मुताबिक, कालेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) में दाखिला लेने पर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का फायदा नहीं मिलेगा। इस वजह से सीमेट दे चुके विद्यार्थी अपना रजिस्ट्रेशन करवाने में लगे हैं, जबकि स्नातक के आधार पर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी परेशान हैं।

नियम स्पष्ट नहीं होने से छात्र परेशान - प्रदेशभर से संचालित एमबीए और एमसीए पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। दूसरे चरण की काउंसलिंग के तहत इन दिनों विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिसमें सीमेट और स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। नियमों के बाद दो पाठ्यक्रमों के बीच दो साल से अधिक अंतर होने पर छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही मैनेजमेंट, एनआरआइ कोटे और स्पाट एडमिशन लेने पर छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे। यहां तक सीएलसी में भी प्रवेश लेने वाले छात्रों को राशि आवंटित नहीं होगी। नियम स्पष्ट नहीं होने से कालेजों में प्रवेश कम हो सकते हैं। कालेज संचालक डा. नरेंद्र धाकड़ ने बताया कि शासन से छात्रवृत्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए पत्र लिखा है।

Posted By: Hemraj Yadav

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