इंदौर। मध्य प्रदेश पीएससी (MPPSC Recruitment 2019) द्वारा घोषित राज्यसेवा परीक्षा-2019 (Civil service Exam 2019) में लागू किए गए आयु सीमा की गणना के फॉर्मूले पर विवाद शुरू हो गया है। परीक्षा में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु की गणना (MPPSC Age Limit) 1 जनवरी 2020 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के लिए लागू छूट को छोड़ राज्यसेवा में 21 वर्ष से 40 वर्ष के उम्मीदवार भाग ले सकते हैं। किनारे पर आकर खड़े उम्मीदवार आयुसीमा गणना के इस फॉर्मूले के चलते परीक्षा में भाग नहीं ले सकेंगे। परीक्षा 2019 की है तो आयु का हिसाब आने वाले वर्ष 2020 को आधार मान कर कैसे किया जा सकता है? इस आपत्ति के साथ पीएससी के फॉर्मूले का विरोध शुरू हो गया है। उम्मीदवार मांग कर रहे हैं कि आयुसीमा की गणना के इस फॉर्मूले को संशोधित किया जाना चाहिए।

पहले ये होता रहा : परीक्षा का विज्ञापन दिसंबर में घोषित होता है। लिहाजा 1 जनवरी से आयु गणना का फॉर्मूला लागू होता रहा है।

इस बार यह हुआ : पीएससी और शासन की देरी से एक साल बाद अब परीक्षा घोषित हुई। इसी के साथ आयुसीमा में फॉर्मूला लागू कर दिया।

सहमे 40 की उम्र वाले उम्मीदवार, बोले- देरी पर मिले छूट

40 वर्ष के करीब वाले उम्मीदवार आयुसीमा की गणना के ताजा फॉर्मूले के कारण परीक्षा में भाग लेने से ही वंचित रह जाएंगे। परीक्षार्थियों का कहना है कि अतिरिक्त छूट दी जानी चाहिए। राज्यसेवा में आयुसीमा में कम से कम 1 वर्ष की छूट होनी चाहिए क्योंकि 1 वर्ष के अंतराल के बाद परीक्षा हो रही है।

MPPSC Exam Fees : सीएम कमलनाथ के ट्वीट के बाद पीएससी फीस कम होने के आसार

राज्य सेवा परीक्षा-2019 में आवेदन के लिए निर्धारित 1500 रुपए फीस का आंकड़ा विरोध के बाद कम होने की उम्मीद है। रविवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ के ट्वीट के बाद पीएससी फीस पर पुनर्विचार करने को तैयार हो गया। फीस बढ़ाने की आलोचना के बाद रविवार को मुख्यमंत्री ने इसे गलत करार दिया था। मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद पीएससी के अधिकारियों ने बयान तो नहीं दिया, लेकिन आयोग के सदस्यों ने पुनर्विचार की संभावना जताई है। मप्र लोकसेवा आयोग के सदस्य चंद्रशेखर रायकवार ने कहा है कि फीस निर्धारण वैसे तो मप्र पीएससी का विषय है। सीएम साहब ने बात उठाई है तो हम पीएससी चेयरमैन से आग्रह करेंगे पुनर्विचार के लिए आयोग में चर्चा करें।

Posted By: Prashant Pandey